म्यूचुअल फंड के नुकसान

म्यूचुअल फंड के नुकसान – म्यूचअल फण्ड के नुक्सान से कैसे बचे ?? म्यूच्यूअल फण्ड के फायदे एवं टिप्स इन्वेस्ट करने के लिए 

अधिकत्तर लोगों को यह मालूम हैं की म्यूच्यूअल फण्ड सहीं हैं परन्तु यह कसिए सहीं हैं किन लोगों के लिए सही हैं यह नहीं मालूम हैं इसलिए बिना ज्यादा जानकारी के कारण म्यूच्यूअल फंड के नुक्सान कर बैठते हैं ।

वैसे भी भले ही आपको म्यूच्यूअल फंड सिर्फ दो शब्द का बना एक दम साधारण सा वाक्य लग रहा होगा लेकिन इसके अंडर आने वाले ढेर सारे स्किम , विभिन्न लोगो के लिए अलग – अलग फंड , कम रिस्क , माध्यम रिस्क एवं हाई रिस्क के स्किम जिसके बारे में लोग नहीं जानते ।

इसका नतीजा यह होता हैं की वह म्यूच्यूअल फंड में अपना नुक्सान कर लेते हैं इसलिए इस लेख में मैं आपको चार्ट पैटर्न के साथ म्यूच्यूअल फंड के नुक्सान के बारे में बताने के साथ उससे चार्ट के मदद से और भी कई तरह के विकल्प को अप्लाई करके अपने पूंजी को म्यूच्यूअल फंड में निवेश के दौरान नुक्सान से कैसे बचाया जाए ।

इसके बारे में पुरे विस्तार से बताने वाला हूँ जिसको समझ कर यदि आप mutual fund में निवेश करने के इच्छुक हैं तो यह लेख पूरा पढ़ने के बाद आपको म्यूच्यूअल फंड के नुक्सान के बारे में पूरा पता लग जायेगा और आप आपने मन मुताबिक म्यूच्यूअल फंड चुनने के लिए स्वतंत्र हो जायेंगे ।

mutual fund ke nuksan kya hai – म्यूच्यूअल फंड के नुक्सान क्या है ?

यदि आप mutual fund के नुक्सान से बचने के लिए कौनसा स्किम चुने या फिर सबसे बेस्ट रिटर्न देने वाले म्यूच्यूअल फंड को जानना चाहते है तो मेरे पिछले लेख को पढ़ सकते हैं जो आपके इन्वेस्ट करने के तरिके में सुधार लाने में मदद कर सकता हैं ।

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1 ) exit load 

अक्सर लोग गलत म्यूच्यूअल फंड स्किम में इवेस्ट करने के कुछ बाद जैसे ही नुक्सान होने लगता है तो वे तुरंत उस फंड को बेच तो देते हैं परन्तु उन्हें फंड बेचने के बाद कितना चार्ज लगता हैं इसके बारे में जानकारी नहीं होता हैं ।

उदाहरण के लिए किसी – किसी म्यूच्यूअल फंड स्किम एवं जिसका रिस्क मीटर हाई होता है उसमे यदि आप इन्वेस्ट करते है तो एक साल के अंदर फंड बेचने पर 1 % तक चार्जेज लिए जाते हैं जो एक तरह का नुक्सान हैं ।

मान लीजिए आपका इन्वेस्टमेंट अमाउंट अधिक हैं तो यह चार्जेज आपको महंगे लगेंगे और कोई छोटा अमाउंट है तब यह कोई मायने नहीं रखता हैं । इसलिए बहुत सोचा विचार के बाद ही म्यूच्यूअल फंड को चुने जिससे की फ्यूचर में mutual fund को जल्दी बेचने की नौबत यही आये ।

अब बात करते है की exit load चार्जेज क्यों लिया जाते हैं तो आपको बता दूँ हम और आप जैसे लाखों लोग म्यूच्यूअल फंड में निवेश करते हैं और उन पैसे को मैनेज करने के लिए एक फंड मैनेजर को स्थापित किया जाता हैं जो उस स्किम की देख रेख करता हैं और भी कई तरह के खर्चे को मैनेज करने के लिए exit load लिए जाते हैं ।

जो हमारे लिए तो लगता यहीं की नुक्सान है लेकिन यह चार्जेज एक तरह से जायज भी क्योंकि हमे म्यूच्यूअल फंड में निवेश करने का उतना जानकारी नहीं होता और साथ ही कोई म्यूच्यूअल फंड स्किम में कोई बड़ा नुक्सान न हो इसलिए फेस के रूप में यह exit load लिया जाता हैं ।

माना की 100 रूपए के हिसाब से 10 nav खरीदें और उसे 1 महीने बाद उसी nav प्राइस पर बेचा तो आपको हर एक nav के लिए 1 % exit load देने होने ।

2 ) म्यूच्यूअल फंड में इन्वेस्ट के दौरान फिक्स रिटर्न न मिल पाना ?

चूँकि हम जानते है की म्यूच्यूअल फंड में निवेश की जाने वाली राशि का अधिकत्तर भाग फंड मैनेजर द्वारा शेयर मार्किट में निवेश कर दिया जाता हैं । शेयर मार्किट में  उथल – पुथल की अवस्था हमेशा बनी रहती हैं ।

जिसके वजह से आज तक कोई भी म्यूच्यूअल फंड से कोई फिक्स रिटर्न नहीं निकाल सका हैं हाँ यह बात सच है की कुछ ऐसे लिक्विड म्यूच्यूअल फंड स्किम है जो कम ही सहीं बल्कि आपको मुनाफा जरूर देते हैं इसलिए यह म्यूच्यूअल फंड का नुक्सान का ही हिस्सा हैं ।

आपको आपके म्यूच्यूअल फंड इन्वेस्ट के ऊपर कितना रिटर्न मिल पायेगा यह निश्चित नहीं होता हैं इसलिए अधिकत्तर लोग म्यूच्यूअल फंड के नुक्सान से बचने के लिए अपना गोल पीरियड बहुत बड़ा रखते हैं जो की 5 से 10 साल तक का होता हैं ।

यदि आपको इस समस्या से छुटकारा पाना है तो अपने समय सिमा एवं पूंजी की क्वांटिटी को ध्यान में रखकर निवेश करने होगा और इस इसे में हम आगे विस्तार से चार्ट के माध्यम से समझेंगे जिससे एक फिक्स रिटर्न के करीब आप जरूर पहंच सकते हैं ।

mutual fund kya hota hai what is sip investment in hindi

3 ) म्यूच्यूअल फंड के चार्जेज ??

यह भी एक नुक्सान का ही हिस्सा हैं जो हमसे वसूले जाते हैं जिसका उपयोग उस म्यूच्यूअल फंड की देख रेख , के लिए फंड हाउस के द्वारा लिया जाता है जिसे हम expexns ratio के नाम से जानते हैं इसलिए यह जितना कम होगा आपके लिए उतना अच्छा हैं ।

वैसे यह अमाउंट फिक्स नहीं होता हैं कोई – कोई स्किम 1 से 2 प्रतिसत तक चार्जेज ले सकती हैं और किसी – किसी म्यूच्यूअल फंड स्किम में 1 % से भी कम लिया जाता हैं चूँकि यह हमारे इन्वेस्ट के ऊपर म्यूच्यूअल फंड  का मुकसान है इसलिए निवेश से पहले उस स्किम के सारे खर्चे की जानकारी जरूर ले ।

4 ) लॉक पीरियड में इन्वेस्ट –(म्यूचुअल फंड के नुकसान)

यदि आप म्यूच्यूअल फंड में कुछ महीने के लिए इन्वेस्ट करना चाहते है और इसकी ज्यादा जानकारी नहीं होने के वजह से आप किसी लॉक इन पीरियड वाले म्यूच्यूअल फंड स्किम में इन्वेस्ट का देते है ।

इस फंड में आपका पैसा 3 से 5 साल के लिए लॉक हो जाता है जिसको आप नहीं आसानी से नहीं निकाल सकते और मान लीजिए आपका पैसा मिलने के लिए अप्प्रूव भी हो जाता है तो आपसे फंड हाउस वाले बहुत ज्यादा फाइन ले सकते हैं ।

जो एक तरह से म्यूच्यूअल फंड का बहुत बड़ा नुक्सान हैं इसलिए बेहतर यही होगा की आप निवेश से पहले उस म्यूच्यूअल फंड स्किम को लॉक इन पीरियड जरूर चेक करे जो आसानी से पता चल जाता हैं ।

इस म्यूच्यूअल फंड के लॉक पीरियड का दूसरा सबसे बड़ा नुक्सान यह है की मान ले की अपने सबकुछ जानते हुए भी इसमें निवेश कर दिया है और कुछ दिनों में आपको पैसे की जरुरत पड़ गयी तो आप चाहकर भी अपना पैसा नहीं निकाल पाएंगे ।

5 ) म्यूच्यूअल फंड रिटर्न टैक्स ?

यह म्यूच्यूअल फंड के नुक्सान मुख्य रूप से आपके इन्वेस्ट से हुए प्रॉफिट के ऊपर निर्भर हैं यदि आपने म्यूच्यूअल फंड में निवेश के दौरान कुछ मुनाफा कमाया है तो आपसे कुछ टैक्स लिए जाते है और नहीं कमाया है तो यह टैक्स अप्लाई नहीं किया जाता हैं ।

उदाहरण के लिए यदि  इन्वेस्ट के लिए किसी इक्विटी म्यूच्यूअल फंड चुनते है और आप 12 महीने से कम अवधि के अंदर उस फंड को बेच देते है तो आपके प्रॉफिट के ऊपर short term capital gain के रूप में 15 % का चार्ज लिया जाता हैं ।

वहीँ दूसरी तरफ आपका गोल बड़ा हैं और निवेश स्किम को भी नहीं बदला है तो 1 साल से अधिक समय के बाद उस फंड को बेचने के बाद आपके प्रॉफिट के ऊपर 10 % का टैक्स , long term capital gain के लिए लिया जाता हैं ।

यह टैक्स उन्ही स्किम में अधिकत्तर लिए जाते हैं जिनका रिस्क मीटर हाई होता हैं जिसमे अचानक से बाउट ज्यादा प्रॉफिट भी आ सकते हैं और लोस्स भी होता हैं क्योंकि फंड मैनेजर द्वारा इस पैसे का आधा से अधिक भाग का इन्वेस्टमेंट शेयर मार्किट में किये जाता हैं ।

6 ) नियंत्रण का न होना 

आपका इन्वेस्ट किया हुआ पैसा पर कोई नियंत्रण होता है क्योंकि आपका पैसा को फंड मैनेजर ही कंट्रोल करते हैं इसलिए नफ़अ हो या नुक्सान आप केवल अपने पोर्टफोलियो में जाकर चेक कर सकते हैं ।

लेकिन सारा नियंत्रण आपका फंड मैनेजर ही करता हैं और वह आपके पैसे के ऊपर ज्यादा से ज्यादा रिटर्न प्राप्त करने के लिए शेयर मार्किट एवं अन्य कहीं दूसरे संस्था में इन्वेस्ट करता हैं जिसकी जानकारी आपको भी नहीं होती हैं ।

7 ) डायरेक्ट निवेश –(म्यूचुअल फंड के नुकसान)

हाँ यह बात जरूर है की शेयर मार्किट के तुलना में mutual fund को समझना बहुत आसान हैं परन्तु बिना जानकारी के म्यूच्यूअल फंड में डायरेक्ट निवेश करना आपको mutual fund के क्षेत्र में सबसे बड़ा नुक्सान करवा सकती हैं ।

इस इसे में हम आगे विस्तार से बात करने वाले हैं ताकि आप भी बिना किसी के मदद लिए mutual fund में निवेश के मियां को जान सकते हैं । जिससे आपको म्यूच्यूअल फंड में नुक्सान होने का खतरा कम हो जायेगा ।

8 ) विविधीकरण 

म्यूच्यूअल फंड का एक मुख्य काम बड़े से बड़े प्राइस वाले शेयर में इन्वेस्ट करना होता हैं जिसमे हम और आप छोटे इन्वेस्टर किसी बड़े क्वांटिटी को खरीद नहीं सकते हैं इसलिए हमारा यह काम म्यूच्यूअल फंड आसान बना देता हैं ।

इस विविधीकरण से हमे फायदा तो हो जाता है लेकिन कभी – कभी म्यूच्यूअल फंड के नुक्सान भी हो जाते हैं क्योंकि जब फंड मैनेजर किसी शेयर में इन्वेस्ट करता है तो उसका प्राइस दुगना होने के बाद भी हमारा पैसा डबल नहीं हो पाटा हैं ।

इसका मुख्य वजह यह हैं की वह हमारे पैसे का मात्र कुछ हिस्सा ही उस शेयर में लगाता हैं जिसके वजह से हमे बहुत कम प्रॉफिट मिल पाती हैं इसलिए हमे इस प्रक्रिया को बदल भी नहीं सकते हैं ।

mutual fund kaise chune best sbi sip plans in hindi

9 ) स्किम का चुनाव –(म्यूचुअल फंड के नुकसान)

यदि आप वाकई में mutual fund में निवेश करने की सोच रहे है तो यह पॉइंट आपके लिए महत्वपूर्ण शाबित हो सकता हैं क्योंकि स्किम का चुनाव ही आपके म्यूचुअल फंड के फायदे और नुकसान  को शाबित करता हैं ।

अक्सर लोग पछले रिकॉर्ड के आधार पर ही किसी म्यूच्यूअल फंड में निवेश करते है जबकि यह उन्हें म्यूच्यूअल फंड में सबसे बड़ा नुकसान करा सकता हैं और उतने ही समय में कोई दूसरा स्किम अच्छा रिटर्न दे रहा होता है जिससे वे वंचित हो जाते हैं ।

लेकिन मैं आपको एक ऐसा आसान उपाय बताने वाला हूँ जिससे आप काफी हद तक अपने मन मुताबिक म्यूच्यूअल फंड को चुन सकेंगे और समे निवेश करने के बाद जब आप उस फंड को बेचेंगे तब आपको निश्चित ही मुनाफा होगा लेकिन इसके लिए कुछ शर्त हैं जिसका आपको पालन करना होगा ।

क्योंकि यह रिस्क से भरा कदम हैं जहाँ थोड़ी से भी गड़बड़ी से आपके पैसे का बहुत ज्यादा नुक्सान हो सकता हैं इसलिए कुछ नियम और समझदारी से इन्वेस्ट करने पर म्यूच्यूअल फंड के नुक्सान का जोखिम कम हो जाता हैं ।

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म्यूच्यूअल फंड में नुक्सान से बचने के उपाय क्या हैं ?

वैसे तो म्यूच्यूअल फंड में नुक्सान से बचने के लिए बहुत सारे उपाय है लेकिन जो सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाते हैं वह आपको भी जरूर करने चाहिए क्योंकि हर कोई अपने पैसे को फ्यूचर में बढ़ने के मकसद से म्यूच्यूअल फंड में निवेश करता हैं लेकिन वे नियम क्या यह भी आप जरूर जान ले ।

1 ) आप किस तरह का इन्वेस्टर हैं ?

यह सवाल आप अपने आप से पूछ क्योंकि यह इन्वेस्ट करने का पहला कदम हैं जिसके मदद से आप आगे के जोखिम का पता बड़े आसानी से लगा सकते हैं । क्योंकि अक्सर लोग बिना सोचे समझे किसी भी स्किम में पैसा इन्वेस्ट कर देते हैं । इसलिए यह सवाल में भी चार जवाब छुपे है जिसके बारे में आपको पता होना चाहिए –

A ) कम रिस्क वाले इन्वेस्टर 

यदि आप कम रिस्क लेना पसंद करते है तो आप किसी ऐसे mutual fund में निवेश करे जो कम जोखिम वाला हो लेकिन आपको यहां यह भी जानना जरुरी हैं की कितने दिन के लिए आप इन्वेस्ट करना चाहते है ।

इसलिए मैं आपको दो चित्र की मदद से यह शाबित कर दूंगा की आप इन दोनों में इन्वेस्ट करने के बाद किस्मे कितन मुनाफा होगा और किस्मे नुक्सान होगा इसलिए मान लीजिए 6 महीने के लिए आप किसी म्यूच्यूअल फंड में निवेश करना चाहते हैं ।

म्यूच्यूअल फंड में नुक्सान से बचने के लिए टेक्निकल चार्ट का उपयोग कैसे करे ?

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मान लीजिए की जानकारी के अभाव और पछले रिकॉर्ड के अनुसार आपने इस म्यूच्यूअल फंड स्किम को एक लाख रूपए में खरीदा जिसमे आपको 56 रूपए एक nav के लिए देने होंगे और आपका टारगेट समय 6 महीने का हैं ।

ऐसे में आपको कुल एक लाख रूपए के ऊपर 1785 nav प्राप्त होते हैं लेकिन जब आपको बेचने का समय नजदीक आता हैं तो आपके द्वारा अनजाने में चुना गया फंड लोस्स में जा रहा होता हैं और आपको किसी भी हाल में पैसे की जरुरत हैं ।

इसलिए आप इस स्किम को लोस्स में बेचते हैं जिसका प्राइस 52 रूपए 50 पैसे हैं और आपको वह प्राइस इमेज में भी दिख रहा होगा ऐसे में आपको कुल 6,198.25 रूपए का नुक्सान लेना पड़ता है इसमें चार्जेज नहीं जोड़े गए हैं ।

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अब इस दूसरे चार्ट की बात करते हैं जो उसी कम्पनी का है लेकिन स्किम अलग हैं वह एक हाई रिस्क वाला था लेकिन आप एक कम रिस्क और 6 महीने के लिए कोई म्यूच्यूअल फंड चुन रहे इसलिए उसके जगह पर आपको यह डेब्ट फंड लेना चाहिए था ।

इसमें आप एक लाख रूपए के 20 रूपए के हिसाब से 5000 nav मिल जाते और आपका टारगेट जैसे ही पूरा होता तब तक इसका प्राइस 20 रूपए 40 पैसे हो जाता हैं और आप इसे बेच देते हैं ।

आपको मुनाफा 2000 रूपए का होगा इसलिए कम रिस्क के हिसाबसे और कम अवधि के लिए यह म्यूच्यूअल फंड स्किम आपके लिए सबसे बढ़िया विकल्प होता है न की पहला वाला स्किम जिसमे इन्वेस्ट करने के बाद और मुनाफा काने के लिए कम से कम 3 साल के लिए इन्वेस्ट करना होगा ।

B ) बिना रिस्क वाले इन्वेस्टर –(म्यूचुअल फंड के नुकसान)

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आशा करता हूँ की आपको म्यूच्यूअल फंड चुनने के बेसिक तरिके समझ आये होंगे अब उन म्यूच्यूअल फंड स्किम के बारे में बात करने वाले हैं जिसमे इन्वेस्ट करने के बाद नुक्सान ना के बराबर होता है परन्तु इसके साथ एक परेशानी यह है की आपको प्रॉफिट थोड़े कम मिल सकते हैं ।

जैसे की आप ऊपर चार्ट में देख सकते हैं जो की 3 साल का है हुए कोरोना महामारी में भी निचे गिरा जरूर लेकिन कुछ दिनों बाद वापस उप ट्रेंड को जारी रखा और इसकी ख़ास बात यह है की आप कभी भी , कितने भी दिन के लिए इन्वेस्ट कर सकते हैं जिसके लिए आपसे बहुत कम न के बराबर चार्जेज लिए जाते हैं ।

यह भी जरुरी नहीं है की मैंने जो कंपनी का म्यूच्यूअल फंड बताया वही लेना होगा बल्कि आप अपने पसंद का का भी म्यूच्यूअल फंड चुन सकते है बस केवल वह पूर्ण लिक्विड डायरेक्ट ग्रोथ प्लान होना चाहिए ।

C ) माध्यम रिस्क वाले इन्वेस्टर 

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यदि आप अपने पूंजी के ऊपर थोड़ा ज्यादा रिस्क लेना चाहते है और आपका गोल 1 साल से 5 साल के लिए है तो आप इस केटेगरी के म्यूच्यूअल फंड के साथ जा सकते हैं । यदि इसके चार्ट के बारे में बात कर तो इसमें अदि कोई 6 महीने के लिए निवेश करता तो उसे निश्चित ही नुक्सान होता परन्तु लम्बे समय के लिए इन्वेस्ट करने पर आपका पैसा दुगना होने की संभावना ज्यादा हैं ।

यह एक तरह से midcap fund हैं जो सभी तरह के कंपनियों में मौजूद हैं बस आपको अपने पसंदीदा कम्पनी के बाद midcap टाइप करने पर आसानी से वह स्किम आपको खरीदने के लिए दिखा दिया जाता हैं ।

D ) हाई रिस्क वाले इन्वेस्टर –(म्यूचुअल फंड के नुकसान)

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उदाहरबन के लिए जिसके बारे में हमने सुरु में चर्चा की यह दूसरी कंपनी का उसी केटेगरी का म्यूच्यूअल फंड हैं जिसमे गलती से निवेश करने के कारण 6000 रूपए का म्यूच्यूअल फंड में नुक्सान झेला पड़ा लेकिन आपको बता दे की यह लम्बी अवधि और हाई रिस्क वाला म्यूच्यूअल फंड स्किम हैं ।

मान लीजिए की आप अपने पूंजी को 5 साल के लिए निवेश करना चाहते है और आपको ज्यादा रिस्क लेने की क्षमता हैं तो आपको किसी भी बढ़िया  large cap fund को चुनना चाहिए ताकि ज्यादा से ज्यादा मुनाफा मिल सके ।

इसलिए उदहारण के लिए मान लीजिए ऊपर चेर्ट में दिए nippon के लार्ज कैप में एक लाख इन्वेस्ट करता जिसका 5 साल पहले एक nav का प्राइस 29 रूपए था और इसी साल 2022 में 5 साल पूरा होने के बाद सेल्ल कर देता

जो की सेल प्राइस 53.40 रूपए एक nav का हैं तो मेरा खरीदा गया कुल 34448 nav का वैल्यू सेल्ल करने के बाद करीब 1 लाख 85000 रूपए का हो गया यानी की कुल 85000 रूपए का मुनाफा मुझे हुआ

तो इस तरह से आप अपने समय और रिस्क का ठीक तरह से समायोजन करने के बाद एक बढ़िया mutual फंड चुन सकते हैं जिसमे आपको नुक्सान होने की संभावना एक दम ना के बराबर रहती हैं

ऐसा नहीं हैं की म्यूच्यूअल फंड किसी एक तरह के लोगो के लिए लाभदायक हैं परन्तु मेरे बताये उदाहरण के अलावा भी और भी कई ऐसे स्किम हैं जो आपको कम रिस्क में ज्यादा मुनाफा देते हैं

जैसे लॉक इन पीरियड वाले म्यूच्यूअल फंड , लार्ज एंड मिड कैप फंड , स्माल कैप फंड आदि भी आपके विकल्प लिए मौजूद हैं बस आपको अच्छे से एनालिसिस करने की जरुरत हैं ताकि आप म्यूच्यूअल फंड में होने वाले नुक्सान से बच सके

म्यूच्यूअल फंड के फायदे –(म्यूचुअल फंड के नुकसान)

अब अंत में आपको मैं कुछ म्यूच्यूअल फण्ड में इन्वेस्ट करने के कुछ फायदे बताएं चाहता हूँ जो हर किसी के लिए लाभदायक हैं और बताये गए सभी टिप्स को जरूर अपनाये ।

1 ) यह उन लोगो को इन्वेस्ट करना आसान बनाता है जो लोग शेयर मार्किट में इन्वेस्ट करना चाहते तो हैं पर अपने पैसे खोने के कारण इन्वेस्ट नहीं कर पाते हैं ।

2 ) म्यूच्यूअल फण्ड एक तरह से शेयर का गुच्छा होता है जिसमे आप थोड़े से पैसे से बहुत सारे शेयर खरीद सकते हैं और मुनाफा होने का सम्भवना किसी एक शेयर के मुक़ाबले कई गुना बढ़ जाता हैं

3 ) फिक्स्ड डिपाजिट से बेहतर रिटर्न पाने के लिए इसमें इन्वेस्ट किया जा सकता हैं और इसमें बेचने की सुविधा भी दी जाती हैं जो की fixed डिपाजिट में नहीं आता हैं और उसे तोड़ने पर बहुत ज्यादा फाइन देने पड़ते हैं

4 ) जरुरी नहीं है कि आपके पास कोई बड़ा अमाउंट है तभी म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करे बल्कि आप sip के जरिये मात्र 100 रूपए से भी सुरुवात कर सकते हैं और कुछ साल बाद आपका पैसा जब compound में आ जायेगा तब बहुत त्तेजी के साथ आपका पैसा बढ़ने सुरु हो जायेगा

5 ) शेयर मार्किट की तरह आपको इसमें रोज – रोज ज्यादा दिमाग नहीं लगाना पड़ता बल्कि ाको अपने हिसाब और गोल के आधार पर म्यूच्यूअल फण्ड चुनना है और उसके बाद आपको अपने टारगेट पीरियड का इंतज़ार करना होता हैं  यदि आप sip कर रहे हैं तो sip डेट का वेट करना पड़ता हैं

निष्कर्ष (म्यूचुअल फंड के नुकसान)

आशा करता हूँ आपको मेरा यह लेख जो की म्यूच्यूअल फंड्स के नुकसान एवं mutual fund ke nuksan पसंद आया होगा यदि कोई सवाल है तो उसे कमेंट में जरूर पूछे जिसका जल्द से जल्द उत्तर देने का प्रयाश किया जायेगा धन्यवाद

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