dividend kaise milta hai-dividend kya hota hai-डिविडेंड क्या होता है

दोस्तों आज हम इस लेख में जानेंगे की शेयर मार्किट में लिया जानेवाला सबसे प्रचलित नाम dividend .आखिर क्या है इसका महत्व , डिविडेंड के फायदे और नुक्सान , डिविडेंड कौन बांटता हैं , क्या सभी कंपनी जो शेयर मार्किट में लिस्टेड है डिविडेंड देती है , डिविडेंड देने का कोई तारीख पहले से तय होता है आदि इन सभी सवाल का जवाब जानने के लिए इस लेख को पूरा जरूर पढ़े ।

इसलिए आपसे निवेदन करता हूँ की यह पोस्ट पूरा जरूर पढ़े क्योंकि इसमें डिविडेंड से जुडी सभी तरह की जानकारी मौजूद है जो तथा उम्मीद करता हूँ की क बार पूरा इस लेख को पढ़ने के बाद आपके मन में डिविडेंड से जुड़े सारे सवाल समाप्त हो जायेंगे ।

  • dividend kya hai- डिविडेंड क्या है

मान लीजिये आप किसी  कंपनी का शेयर एक लम्बी अवधि के लिए खरीदते है जो कम से कम 6 महीने या 12 महीने तक का हो सकता हैं तो ऐसे में आप भी उस कंपनी का हिस्सेदार बनते है जब कंपनी मुनाफा कमाती है तब सभी तरह के टैक्स , खर्चे हटाकर जो पैसा बचता है उसे सुध मुनाफा भी कहा जाता है ।

वह सुध मुनाफा कंपनी अपने सभी शेयर धारक में बांटती है जिसे डिविडेंड ( dividend) कहा जाता है या हिंदी में इसे लाभांश कहा जाता है । लेकिन ऐसा सभी कंपनियां नहीं करती और जो करती हैं वो या तो बहुत कम डिविडेंड देती है या फिर ज्यादा देती हैं जिसके बारे हम आगे बात करेंगे ।

मान लजिए कोई कंपनी जो की डिविडेंड के रूप में 5 रूपए प्रति शेयर बाँट रही है और मेरे पास उसके 100 शेयर है तो मुझे 500 रूपए केवल डिविडेंड के मिलेंगे जो मेरे खाते में जुड़ जायेगा ।

कंपनी डिविडेंड कैसे निकालती है ?-(dividend kaise milta hai-dividend kya hota hai-डिविडेंड क्या होता है)

आपको जानकारी के लिए बता दू की सभी कंपनी अपना डिविडेंड फेस वैल्यू से निकालकर देती हैं । यानी की मतलब यह हुआ की मान लीजिये किसी कंपनी ने 50 % डिविडेंड देने की घोसना करती हैं  तो ऐसी स्थिति में उसका फेस वैल्यू  10 रूपए है तब 50 X 10 / 100  = 5 रूपए प्रति शेयर डिविडेंड देना होगा लेकिन यहाँ एक बात ध्यान जरूर दे की इसने कमपनी के शेयर प्राइस से कोई लेना देना नहीं होता है ।

  • डिविडेंड के प्रकार । types of dividend

एक वर्ष में कोई भी कंपनी मुख्य रूप से दो तरह से डिविडेंड देती हैं इसलिए डिविडेंड को दो मुख्य भाग होते हैं जिसके बारे में आप निचे पढ़ सकते हैं –

1 ) फाइनल डिविडेंड ( final dividend )

जब कोई कंपनी अपने वित्तीय वर्ष पूरा होने पर साल के अंत डिविडेंड प्रदान करती है तो उसे फाइनल डिविडेंड के नाम से जाना जाता है ।

2 ) अंतरिम डिविडेंड ( interim dividend )

मान लीजिये कोई कंपनी अपना फाइनेंसियल साल पूरा होने के पहले ही या साल के बिच में डिविडेंड देने का एलान करती है तो उसे interim dividend कहा जाता हैं ।\

  • डिविडेंड की राशि कहा आती है 

ज्यादातर कंपनियां डिविडेंड को बैंक खाते में भेजती है जिसके लिए आपको अपने डीमेट अकॉउंट को बांके खाते से लिंक करना पड़ता हैं तभी आपके बैंक अकॉउंट में कंपनी द्वारा भेजी गयी डिविडेंड कैश के रूप में बांके खाते में जुड़ जाती हैं ।

  • डिविडेंड देने वाली कंपनी का पता कैसे करे ?

या तो आप सभी शेयर कंपनी के वेबसाइट पर जाकर इसका पता लगा सकते है या फिर मोनीकंट्रोल वेबसाइट पर जाकर भी  मालूम कर सकते है जो सबसे आसान उपाय हैं ।

शेयर कंपनी डिविडेंड कैसे देती हैं ?

dividend किसी भी कम्पनी द्वारा मुख्य रूप से दो तरह से बांटती हैं जिसे निचे विस्तार से बताया गया हैं –

1 ) bonus share

कई बार कोई कंपनी बैंक में कैश ने देकर डिविडेंड के रूप में बोनस शेयर प्रदान करती है । इसे एक निश्चित अनुपात में बांटा जाता है जैसे 1:1 , 1: 2 या फिर 2:1 आदि अनुपात मुख्य हैं

अब मान लीजिये कोई कंपनी 1:1 के अनुपात में शेयर के रूप में डिविडेंड देना चाहती है इसलिए आपके पास पहले से उस कंपनी के 50 शेयर है तो वह अब 100 शेयर हो जायेंगे लेकिन ऐसा करने से आपके निवेश की राशि दुगना नहीं होगी क्योंकि जिस अनुपात में शेयर दिए जायेंगे उसी अनुपात में शेयर का प्राइस भी कम हो जायेगा

जैसे किसी कंपनी का प्राइस 100 रूपए है एवं उसके 50 शेयर आपके पास है जो कुल 5000 रूपए तक के हैं और 1:1 अनुपात में बोनस शेयर मिलने के बाद आपके पास शेयर तो दुगना हो जायेगा लेकिन प्राइस गींर के वजह से आपका इन्वेस्टमेंट 5000 ही होगा

अब आपके मन में एक सवाल आएगा की  जब शेयर का दाम गिर गया तो इन्वेस्टर को फायदा क्या हुआ । कंपनियां जब बोनस शेयर डिविडेंड के रूप में जारी करती है तो उसके पास शेयर की संख्या बढ़ जाती और इस वजह से उसके फेस वैल्यू पर कोई असर नहीं पड़ता है जिससे फ्यूचर में जब दुबार कंपनी डिविडेंड देगी तो आपको डिविडेंड दुगना मिलेगा

बोनस शेयर देने के मुख्य कारण क्या है ?

  • कई बार शेयर का भाव बहुत ज्यादा हो जाता है छोटे निवेशक उसे खरीद नहीं पाते हैं इसलिए बोनस शेयर देने का बाद शेयर का भाव कम हो जाता है
  • लिक्विडिटी को बनाये रखने के लिए भी ऐसा किया जाता है जिससे शेयर की संख्या बढ़ जाती हैं

2 ) cash dividend

जब कोई शेयर कंपनी डिविडेंड का भुगतान नगदी के रूप में देती है जो सीधे आपके बैंक अकॉउंट में जुड़ता है उसे कैश डिविडेंड कहा जाता हैं और ज्यादा तर कंपनियां इसी तरह से भुगतान करती हैं ।

यदि कोई कम्पनी मानी लीजिये 2 रूपए डिविडेंड देने का एलान करती हैं तो डिविडेंड के अंतिम तारीख तक हो सकता हैं की उसके शेयर प्राइस में गिरावट देखने को मिले जो की 2 रूपए तक उसका शेयर गिर सकता हैं क्योंकि वर्तमान शेयर प्राइस में ही डिविडेंड के पैसे निकालकर सभी इन्वेस्टर को दिए जाते हैं ।

मान लीजिये किसी कंपनी का शेयर प्राइस 202 रूपए है और उसी दिन कंपनी 2 रूपए डिविडेंड देने का घोषणा करती है तब इस स्थिति में उस कंपनी का शेयर प्राइस 200 रूपए हो जायेगा क्योंकि अब कंपनी के पास 2 रूपए प्रति शेयर नहीं बचे हैं ।

  • डिविडेंड पाने के लिए शेयर कब खरीदें 

जब कोई कंपनी डिविडेंड देने का घोसना करती है तब तुरंत आपके खाते में पैसे नहीं जुड़ते है बल्कि इनके प्रमुख चार तरिके है जिसे आपको पालन करना होता है तभी आप डिविडेंड का फायदा ले सकते हैं ।

1 ) डिविडेंड घोसना तारीख 

इस दिन कोई कंपनी डिविडेंड देने की तारीख तय करती हैं ।

2 ) डिविडेंड घोसना की अंतिम तारीख 

यह वह तारीख होता है जिसमे आपको उस डेट के अंदर डिविडेंड को खरीदना होता है बाद में खरीदने से आपको डिविडेंड नहीं मिलेगी ।

3 ) रिकॉर्ड डेट 

इस दिन कंपनी सभी निवेशक को चेक करती है की किन डीमेट खाते वाले की शेयर की लिस्ट उनके पास है जिससे की डिविडेंड बांटा जा सके ।

4 ) डिविडेंड पे

इस दिन सभी चुने गए निवेशक के खाते में डिविडेंड की राशि बाँट दी जाती हैं । इसलिए डिविडेंट पाने के लिए अंतिम तारीख के अंदर शेयर जरूर खरीदें

डिविडेंड के फायदे और नुक्सान -dividend fund kya hai

dividend के लाभ एवं हानि जानने से पहले आपको यह जानना जरुरी है की डिविडेंड को कब खरीदा जाए तो मान लीजिये कोई कंपनी 12 तारीख को डिविडेंड देने का अंतिम तारीख की घोसना करती हैं ।

तब आपको 12 तारीख को शेयर खरीदने से कोई लाभ नहीं है क्योंकि कम से कम 3 दिन पहले उस शेयर को खरीदना होगा ऐसा इसलिए है की भारत में शेयर मार्किट के नियम के अनुसार कोई भी शेयर खरीदने के बाद वह आपके डीमेट अकॉउंट में t+2 डे में जुड़ता है यानी की दो दिन बाद ।

इसलिए आपको उसका डिविडेंड पाने के लिए 9 टैकः को उस शेयर को खरीदना होगा तभी आप डिविडेंड का फयदा ले सकते हैं ।

dividend ke fayede

  • यह एक टैक्स फ्री प्रोसेस है जिसमे कोई भी अतिरक्त पैसा नहीं काटता हैं ।
  • कंपनी के करंट शेयर प्राइस से इसका कोई लेना देना नहीं होता है बल्कि इसे उस शेयर के फेस वैल्यू पर डिविडेंड दिया जाता है
  • यह एक पअस्सीवे इनकम या  बोनस भी कह सकते है जिसमे केवल आपको एक अच्छी कंपनी का शेयर खरीदना होता है जिसके बाद समय – समय पर आपको डिविडेंड मिलते रहते हैं ।
  • इस साल में केवल डिविडेंड से आपको 1 से 3 % तक का मुनाफ हो सकता हैं जिसमे शेयर की प्राइस वैल्यू शामिल नहीं है

dividend ke nuksaan –(dividend kaise milta hai-dividend kya hota hai-डिविडेंड क्या होता है)

  • इसमें आपका पैसा होल्ड हो जाता है यदि आप लॉन्ग इन्वेस्टर है तो ठीक है नहीं तो डिविडेंड के लिए तय की तारीख तक आपको शेयर अपने आस रखना होता है ।
  • शेयर के प्राइस पर भी इसका असर पड़ता है इसलिए डिविडेंड मिलने के बाद उस शेयर को बेचना एक चुनौती से कम नहीं हैं ।
FAQS-what is dividend in hindi

Q – मेरे पास किसी शेयर का दो साल से होल्डिंग है लेकिन अभी तक कोई भी dividend नहीं मिला है क्या करे ?

A – सबसे पहले एक बात बता दू की किसी कंपनी के ऊपर डिविडेंड देने का कोई क़ानूनी दबाव नहीं होता है यह सब कंपनी के ऊपर निर्भर है की वह डिविडेंड देगी या नहीं , हो सकता है कंपनी पिछले दो साल से प्रॉफिट नहीं कमा रही हो या फिर अपने जो शेयर चुना है वह डिविडेंड डटी ही नहीं हो इसलिए डिविडेंड पाने के लिए इन दौड़ने ॉइन्ट का पॉजिटिव ह्ण बहुत जरुरी हैं ।

Q – किसी कंपनी का डिविडेंड प्राप्त करने के लिए शेयर कब खरीदना चाहिए ?

A – उस शेयर कजो डिविडेंड का घोसना कर चुकी है उसके अनिम तारीख के 3 दिन पहले जरूर खरीदे लेकिन वह वर्किंग डे होना बहुत जरुरी हैं ।

Q – एक कंपनी हर साल डिविडेंड दे रही है इसका मतलब क्या हुआ ?

A – इसका मतलब यह हुआ की वह कंपनी हर साल प्रॉफिट कमा रही है जिससे उसका फंडामेंटल मजबूत हो रहा और इससे इन्वेस्टर भी बढ़ने लगते हैं ।

Q – अगर किसी कंपनी को किसिआल नुक्सान होता है तो क्या उस साल डिविडेंड देगी ?

A – हम पहले भी पढ़ा चुके है की डिविडेंड देना कंपनी का फैसला होता है यदि किसी साल कंपनी को लोस्स हुआ है तो वह पिछले साल के प्रॉफिट में डिविडेंड देने का प्रयाश करेगी क्योंकि वह इन्वेस्टर को निराश नहीं करेगी ताकि उसके शेयर में लिक्विडिटी बानी रहे

निष्कर्ष 

दोस्तों उम्मीद करता हूँ आपको मेरा यह लेख share market me dividend kya hota hai बहुत पसंद आया होगा जिसमे मैंने पुरे विस्तार से डिविडेंड के बारे में बताया है यदि आपको अभी भी कोई सवाल है या आप अपनी राय हमे कमेंट में पूछ सकते है धन्यवाद ।

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