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दोस्तों आज हम बहुत चर्चित शूज कंपनी प्यूमा के बारे में बात करने वाले है की आखिर प्यूमा कहा की कंपनी है । क्योंकि इसका नाम ही कुछ ऐसा है की अक्सर लोग इस कम्पनी को भारत का ही समझ बैठते है लेकिन सच यह नहीं है ।

इसलिए प्यूमा कंपनी से जुडी ज्यादा से ज्यादा जानकारी आपको बताने वाला हूँ जिसे जानने के लिए मैं आपसे निवेदन करता हूँ की इस लेख को अंत तक जरूर पढ़े जिसमे आपको प्यूमा का इतिहास और इससे जुड़े कुछ रोचक जानकारी भी पढ़ने को मिलेगी ।

puma kis desh ki company hai

प्यूमा जर्मनी देश की एक बहुराष्ट्रीय कम्पनी हैं जो हाई क्वालिटी के एथेलेटिक जुटे , लाइफ स्टाइल फुटवियर , और इसके अलावा खेल से जुड़े तरह तरह के कपडे का निर्माण करती हैं । इस कंपनी को रुडोल्फ डास्लर द्वारा साल 1948 को स्थापित किया गया था जिसका स्थापित करने का मुख्य वजह अपने भाई से अलग होना था ।

क्योंकि इन दोनों भाई जिनका नाम अडोल्फ डास्लर और रुडोल्फ डास्लर था उन्होंने ने मिलकर साल 1924 में ही डस्लर ब्रदर्स शू फैक्ट्री  के नाम से एक कंपनी का निर्माण का चुके थे जो जूता निर्माण करती थी ।

परन्तु आपसी लड़ाई के वजह वे दोनों 1948 में अलग हो गए जिसमे कंपनी दो भाग में बाँट गयी जिसमे पहले का नाम एडिडास और दूसरे का नाम प्यूमा रखा गया था और दोनों ही कम्पनिया आज के समय में सबसे चर्चित कम्पनी में शुमार है । इस तरह प्यूमा कंपनी को स्थापित किया गया था ।

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साल 1986 को इस कम्पनी को बोर्से मंशेन और फ्रैंकफर्ट स्टॉक एक्सचेंज आसानी से जगह मिल गयी थी । आज इस कम्पनी के पास 9000 कर्मचारी और 80 से ज्यादा देश में अपना व्यापार करती है

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अब हम इसके थोड़ा इतिहास को भी जान लेते है जिसमे रुडोल्फ के पिता एक श्रमिक थे जो जूता कंपनी में काम करते थे और इनकी माता जी अपने नूर्नबर्ग शहर से 20 किलोमीटर दूर , एक छोटी सी लॉन्ड्री की दूकान चलाती थी ।

रुडोल्फ ज्यादा पढाई न करते हुए वह भी अपने पितः के साथ जूता कंपनी में काम करने लगा इसी दौरान प्रथम विश्व युद्ध के लिए उन्हें लड़ने के लिए बुलाया गया था जिसमे वे शामिल हो गए थे फिर उसके बाद वापस आकर वे नूर्नबर्ग में एक चमड़े थोक विक्रेता में प्रबंधन का जिम्मेदारी संभाली थी ।

इसके अलावा भी वे कहीं एक जगह नहीं टिक सके और कई तरह के काम करने के वजह से थक चुके थे इसलिए वे वापस अपने घर लौट आये और अपने छोटे भाई जिसने खुद का जूता कम्पनी स्थापित किया था उनके साथ मिलकर काम करने लगे ।

इस प्रकार दौड़ने भाई ने मिलकर साल 1924 को एक फैक्ट्री का निर्माण कराया जिसका नाम डास्लर ब्रदर्स सूज रखा था । आपको बता दे की दोनों भाइयों ने अपनी माँ के लॉन्ड्री में फैक्ट्री का निर्माण किया था जहां पर बिजली की आपूर्ति कम होती थी ।

इसके समाधान के लिए दोनों भाईओं ने स्टेशनरी साईकिल का उपयोग करके बिजली का उत्पादन करते थे फिर धीरे – धीरे उनका कारोबार आगे बढ़ने लगा और द्वितीय विश्व युद्ध से पहले तक वे 2 लाख से भी ज्यादा जूते बेच चुके थे । जिसके बाद उनकी कंपनी ने फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और आज प्यूमा और एडिडास के नाम से जाने जाते हैं जो 1948 में अलग होने के बाद बने ।

puma ka brand ambassador kaun hai

आपको जानकारी के लिए बता दे साल 2017 में प्यूमा के ब्रांड अम्बेस्डर(puma ka brand ambassador) के रूप में भारत के प्रमुख क्रिकेटर विराट कोहली को चुना गया था लेकिन आज के समय में यानी की साल 2021 के लिए वाशिंगटन सुंदर और देवदत्त पडिक्कल जो की भारत के क्रिकेट प्लेयर है इन्हे ही चुना गया है ।

भारत में, प्यूमा एडिडास के बाद आया था  जिसने साल 2006 में ₹22 करोड़ के मामूली राजस्व के साथ अपना बिज़नेस स्थापित किया । तब तक इन्वेस्टमेंट के रूप में रीबॉक के पास 354 करोड़ की पूंजी , एडिडास के पास  186 करोड़ रूपए और नाइकी के पास 99 करोड़ रूपए की पूंजी मौजूद थी।

लेकिन कुछ सालों में प्यूमा का कारोबार तेजी से बढ़ा हैं इसलिए 2020 में जारी एक लिस्ट की बात करे तो इन 13 साल में बिग कैट यानी प्यूमा ने छलांग लगा दी है। प्यूमा ने 2019 में ₹1,413 करोड़ का राजस्व पोस्ट किया ।

जो लगातार दूसरा कैलेंडर वर्ष है जिसमें यह अपने प्रतिस्पर्धियों से आगे निकल गया है। रीबॉक और एडिडास, जो मार्च-अंत वित्तीय वर्ष का पालन करते हैं, वित्त वर्ष 2019 में क्रमशः ₹407 करोड़ और ₹1,250 करोड़ थे।

निष्कर्ष 

आशा करता हु की आपको मेरा यह लेख प्यूमा किस देश की कंपनी है  काफी पसंद आया होगा जिसमे मैंने प्यूमा के बारे में बहुत ही विस्तार से बताया है यदि आपके कोई सवाल है तो उसे कमेंट में पूछ सकते है जिसका उत्तर जल्द से जल्द देने का प्रयाश किया जायेगा धन्यवाद ।

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