anulom vilom kaise kare-anulom vilom ke fayde-अनुलोम विलोम के फायदे

anulom vilom kaise kare-anulom vilom ke fayde-अनुलोम विलोम के फायदे

हेलो दोस्तों आज हम योग के एक और सबसे चर्चित आसन lom vilom ke fayde और anulom vilom kaise karte hain के बारे में जानेंगे । अनुलोम विलोम प्राणायाम के लाभ  को जानने के लिए उम्मीद करता हूँ आप यह आर्टिकल पूरा जरूर पढ़ेंगे क्योंकि इसके अलाव भी और बहुत सारी जानकारी आपको इस लेख में पढ़ने की मिलेगी ।

सुबह के समय अनुलोम – विलोम करना हमारे शरीर के साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जाता हैं क्योंकि इसे निरंतर अभ्यास करने से रोगो के प्रति लड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ जाती यहीं और साथ में अस्थमा से आराम पाने के लिए यह आसन सबसे अहम बन जाता हैं ।

यह आसन कुछ – कुछ प्रणायाम जैसा ही होता हैं लेकिन इसमें सबसे ज्यादा फोकस स्वसन प्रक्रिया में किया जाता जिसमे सांस से जुडी सभी गठिया स्वस्थ और मजबूत बनती हैं इसलके अलावा भी कई फायदे हैं जिसके बारे में हम आगे बात करेंगे ।

anulom vilom karne ke fayde जानकार लोग योग की तरफ बढ़ रहे हैं और आपको जानकार आश्चर्य होगा की जो लोग लोग जिम करते हैं वे भी सनतुष्ट नहीं है इसलिए वे भी योगा की तरफ अपना रूचि दिखा रहे हैं ।

इस कोरोना माहमारी में हमारे शरीर के विभिन्न अंग में से एक  जिसे हम लंग या स्वसन ग्रंथि के नाम से जानते हैं वो सबसे ज्यादा प्रभावित होता है आलम – विलोम करने से हमारे फेफड़े सबसे ज्यादा सुरक्षित बनता हैं इसलिए इस आसन के चर्चे हर जगह हो रहे हैं ।किसी दूसरे आसन के करने के मुक़ाबले इस आसन को करना बेहद आसान हैं अथार्त आलम – विलोम को कोई भी कर सकता हैं ।

कपालभाति मैडिटेशन गाइड 

anulom vilom benefits in hindi-अनुलोम विलोम प्राणायाम के लाभ-(anulom vilom kaise kare-anulom vilom ke fayde-अनुलोम विलोम के फायदे)

आपको जानकारीके लिए बता दू की कई आयुर्वेदिक विशेषज्ञ यह मानते हैं की अकेले इस आसन को करने से कई तरह के चमत्कारिक परिणाम मात्र आपको कुछ दिन के अभ्यास करने से मिल सकते हैं । यदि इस आसन को प्रतिदिन सुबह एवं शाम के समय केवल 15 मिनट के लिए किया जाए तो यह शरीर के सभी नाड़ियों को सुध करता हैं

साथ ही शरीर में यह ऑक्सीजन लेवल को भी बढ़ा देता हैं इसे करने से हमारा दिमाग फ्रेश रहता हैं इसलिए इस आसन से होने वाले 5 मुख्य लाभ निचे बताये गए है जिसे आपको जरूर जानना चाहिए और हो सके तो इसे अपनी लिस्ट में जरूर रखें

  • फेफड़ों के लिए 

alom vilom ke fayde में मुख्य रूप से फेफड़े को ज्यादा लाभ होता हैं । फेफड़े में फंसे विषैले गैस को बाहर निकलता हैं और जो लोग स्मोकिंग करके अपने फेफड़े को रोग्रस्त कर चुके उन्हें इस आसन को जरूर करना चाहिए

  • ऑक्सीजन स्तर 

इस आसन के रोजाना अभ्यास से खून में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ जाती हैं क्योंकि शरीर में मौजूद 72000 नदियाँ में ऑक्सीजन पहुंचाकर उसे सुध बनाता हैं और साथ में शरीर के सभी कोशिका को नयी ऊर्जा प्रदान करता है

  • सांस की समस्या में 

जिन लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही हैं उन्हें हार हाल में alom – vilom योगा करना चाहिए जिससे सांस लेने में हो रही परेशानी ठीक होने लगता हैं

  • तनाव दूर करने में  

तनाव जैसे हड़बड़हाट , बेचैनी , चिंता , नींद की शिकायत आदि से छुटकारा पाने के लिए इस आसन को सुबह और शाम में जरूर करे

  • सोचने की शक्ति

दिमाग का दाया और बाय हिस्सा को संतुलित करके यह आसन दिमाग की सोचने की क्षमता को बढ़ाने में सक्षम हैं जिससे कार्यक्षमता और एकाग्रता में भी लाभ मिलता हैं

धनुरासन चक्रासन 

anulom vilom kaise करे-अलोम विलोम कैसे करें

यदि आपका सवाल अनुलोम विलोम कब करना चाहिए  हैं तो आपको बता दू की रोज सुबह और शाम के समय कम से कम 15 मिनट के लिए इस प्राणायाम की विधि   को जरूर करे । इस आसन को करने के फायदे जितने ज्यादा है उससे कहीं ज्यादा आसान यह आसन हैं जिसे कोई भी उम्र का व्यक्ति कर सकता हैं ।

anulom-vilom-kaise-kare-anulom-vilom-ke-fayde-1

अलोम विलोम करने से एलर्जी, साइनोसाइटिस, दमा, पुराना नजला, जुकाम आदि रोगों से निजात पाया जा सकता है , इसके अलावा योग करने से आपके शरीर का डाइजेशन पहले से और बढ़िया हो जाता है। आपको समय पर भूख लगती है और समय पर खाना खाने आपका डाइजेशन भी बेहतर बना रहता है।

anulom vilom ki vidhi-अनुलोम विलोम प्राणायाम कैसे करें

  • सबसे पहले अपना पैर सीधा करके बैठ जाए ।
  • इसके बाद घुटने की मदद से दोनों पैर को मोड़ ले और चौकड़ी की मुद्रा में आ जाए
  • अब रीढ़ और गर्दन को एकदम सिद्ध में रखें
  • अपने दिमाग से किसी बाहरी बातों को या फिर कोई चिंता को निकाल दे
  • अब अपने दाए हाथ के अंगूठे को नाक के दायी नाशिका पर रखें और अनामिका को बाय तरफ रखें
  • दाहिने निषीके को अंगूठे से बंद कर ले और बाए नासिके से धीरे – धीरे सांस अंदर गहराई तक ले जब तक की फेफड़े में सांस भर नहीं जाती ।
  • अपना ध्यान सांस की गति पर केंद्रित करे
  • अब दाए नाशीके से सांस धीरे – धीरे छोड़े ।
  • अब इसी प्रक्रिया को उल्टा करे यानी की बाए हाथ का प्रयोग करे ।
  • सुरुवात में इसे एक या दो मिनट के लिए करे
  • स्वांस के प्रति सचेत और ध्यान केंद्रित करते रहे
  • पहली बार (अनुलोम विलोम के फायदे और नुकसान)करने पर थोड़ा अजीब लग सकता हैं लेकिन धीरे – धीरे इसकी आदत हो जाती हैं ।
हलासन पद्मासन 

कपालभाति और अनुलोम विलोम के फायदे- kapalbhati kaise karte hain

ऊपर anulom vilom pranayam in hindi के बारे बताया गया हैं , अब कपालभाति के लाभ को भी जानेंगे । आपको एक बात बता दू की इन दोनों के फायदे एक जैसे ही हैं फिर कुछ फायदे जो अलग है उसे निचे बताया गया हैं ।

  • किडनी और लिवर को ताकत प्रदान करने के लिए रोजाना कपालभाति किया जा सकता हैं ।
  • शरीर में ऊर्जा बनाये रखने के लिए यह आसन बहुत फायदेमंद होता हैं
  • गैस या एसिडिटी को दूर करने के लिए यह आसन कर सकते हैं
  • शरीर के ब्लड शुगर को नियंत्रण करने और मतबलोसिन को बढ़ावा देने के लिए भी यह आसन बहुत उपयोगो है ।
  • इस आसन में सांस छोड़ने की प्रक्रिया के वक़्त फेफड़े को लाभ मिलता है तथा वह ज्यादा समय तक सुरक्षित रहते हैं
  • नींद की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए भी इस आसन को किया जा सकता हैं
  • यह आसन दिमाग तेज करने के साथ यादास्त भी बढ़ाता हैं

सावधानिया 

  • यह आसन करते समय सारा ध्यान पेट पर करना चाहिए ना की सांस पर
  • सांस लेने की प्रक्रिया को एक सामान बनाये रखें
  • कपालभाति करते वक़्त सांस लेते समय पेट बाहर की तरफ और छोड़ते वक़्त पेट अंदर की तरफ रहना चाहिए ।
  • हार्निया , अल्सर , सांस की बीमारी या हाइपरटेंशन है, तो इस ना करे
व्रजासन ताड़ासन 

निष्कर्ष (anulom vilom kaise kare-anulom vilom ke fayde-अनुलोम विलोम के फायदे)

उम्मीद है आपको मेरा यह आर्टिकल anulom vilom in hindi या anulom vilom ke labh कैसा लगा हमे अपनी राय कमेंट में जरूर बताये और किसी सवाल या अपनी परेशानी जो योग से जुडी है उसे भी कमेंट में पूछ सकते हैं जिसका उत्तर जल्द देने के प्रयाश किये जायेंगे धन्यवाद ।

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