pregnancy 14 weeks in hindi-4 महीने गर्भावस्था लक्षण-प्रेग्नेंसी का चौथा महीना

pregnancy 14 weeks in hindi-4 महीने गर्भावस्था लक्षण

सभी महीने की तरह किसी भी गर्भवती महिला का चउथा महीना भी बहुत महत्वपूर्ण होता हैं । इसलिए जैसे – जैसे समय बीतता जाता है वैसे – वैसे गर्भवती महिला को अपने और शिशु की देखरेख की जिम्मेदारियां बढ़ती जाती है ।

इस महीने के दौरान आपके पेट में मौजूद शिशु का वजन बढ़ना सुरु हो जाता हैं ऐसे में आपके शरीर के अंदर कई तरह के बदलाव आते हैं जिसको ध्यान में रखकर इस  समय अपने शरीर के साथ खान – पान में भी विशेष ध्यान रखना जरुरी हैं ।

  • 16 वें सप्ताह गर्भावस्था लक्षण

वैसे तो 4 महीने की गर्भावस्था में दिखने वाले लक्षण पहले जैसा वाला ही होता हैं इसमें कोई ख़ास परिवर्तन नहीं आता हैं इसलिए उन्ही में से जो मुख्य लक्षण हैं उसे निचे बताया गया है जिसे आप पढ़ सकते हैं ।

  • हार्ट के पास जलन का महसूस होना 

यह समस्या मुख्य रूप  से हार्मोन में बदलाव के वजह से शुरू होता  हैं और इससे घबराने की कोई बात नहीं है क्योंकि यह एक तरह से होना एक आम हैं यदि आपको परेशानी ज्यादा है तो अपने डॉक्टर से जरूर संपर्क करे । एक कोशिस के रूप में फाइबर युक्त खाना और ज्यादा पानी के सेवन से यह परेशानी दूर हो जाती हैं ।

  • भूख एवं प्यास का बढ़ना 

इस फोर्थ महीने की प्रेगनेंसी में आपको पहले से ज्यादा प्यास और भूख का लग्न महसूस होगा जिसे आपको कभी भी नजर अंदाज नहीं करना चाहिए इसलिए बार – बार थोड़े देर के अंतराल पर खाने से आपका वजन भी तेजी से बढ़ने लगता हैं  और इसकी समय सिमा निश्चित है जो एक समय या प्रेग्नेंसी के बाद समाप्त भी हो जाता हैं ।

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  • पाचन शक्ति का कमर होना – (pregnancy 14 weeks in hindi-4 महीने गर्भावस्था लक्षण)

प्रेग्नेंट के चार महीने ( 15 week pregnancy in hindi ) में किसी – किसी महिला में पाचन क्रिया की रफ़्तार धीमी पड़ने लगती हैं । जिसके वजह से खान ठीक से पांच नहीं पाता हैं और आपको गैस तथा कब्ज की समस्या से जूझना पड़ सकता हैं ।

इसलिए ऐसे में आपको अपने खान – पान में विशेष ध्यान देने के साथ यदि आपको यह समस्या हो रही है तो अपने डॉक्टर से भी सलाह लेने के प्रयास जरूर करे और साथ ही साथ खाने में फाइबरयुक्त भोजन , विटामिन , प्रोटीन को जरूर शामिल करे ।

  • थकान एवं शरीर का कमजोर होना 

इस चौथे महीने में या फिर पुरे pregnency के दौरान शरीर का कमजोर होना एवं थकान का अनुभव लग्न एक आम समस्या है जो ज्यादातर ठीक से खान – पान पर ध्यान नहीं देने पर बढ़ भी सकता हैं ।

शिशु के जरुरत को पूरा करने के लिए आपका शरीर खून का उत्पादन ज्यादा करता है जिसके कारण हार्मोन असंतुलित हो जाती है और इसके वजह से महिला को  थकान एवं कमजोरी महसूस होती हैं ।

दरअसल इस समय गर्भ में पल रहे बच्चे का वजन बढ़ना सुरु होता है जिसके लिए जरुरी पौस्टिक पदार्थ आपके शरीर से लिया जाता हैं और इसके वजह से आपको थकान तथा शरीर का कमजोर होना महसूस होता हैं ।

इससे बचने का एक ही उपाय हैं आपको खान – पान पर विशेष ध्यान देना होगा और अपने डाइट में हरी सब्जी , फल , दूध के बने प्रोडक्ट , जूस आदि को जरूर शामिल करे ।

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4 month pregnancy diet in hindi

इस महीने खान पान पर ध्यान देना बहुत आवश्यक है । क्योंकि गर्भ के बच्चे का विकाश होना आरम्भ हो जाता हैं जिसको परिपूर्ण करने में लगने वाले पोषक तत्व आपके द्वारा पहुंचाया जाता हैं इसलिए चौथे महीने के प्रेग्नेंसी में डाइट में क्या खाये इसे विस्तार से निचे बतयाया गया हैं ।

  • फाइबर 

जैसा की मैंने पहले बता दिया है की इस महीने पाचन क्रिया धीमी पड़ जाती है तथा इससे बचने के लिए फाइबर से भरपूर पदार्थ को अपने डाइट में शामिल करे जिसमे ओट्स , फल , हरे पत्ते की सब्जी , साबुत अनाज आदि को जरूर शामिल करे ।

  • आयरन 

इस महीने (4th month pregnancy diet chart in hindi )शिशु का विकास तेजी से होना सुरु हो जाता हैं । जिसमे आयरन की भूमिका अहम् होती हैं इसलिए जितना हो सके अपने डाइट में आयरन से भरपूर खाद पदार्थ जैसे सेव् , दाल एवं पालक , आदि को जरूर शामिल करे ।

  • कैल्शियम 

बच्चे के विकाश के साथ उसके हड्डी के विकाश भी बहुत जरुरी है । इसलिए प्रेग्नेंसी का चौथा महीना  (4 month baby care tips in hindi)में कैल्शियम को पूरा करने के लिए आप डेरी प्रोडक्ट का इस्तेमाल कर सकती हैं जिसमे दूध , दही , पनीर अदि मुख्य पदार्थ हैं जो आपके शिशु को हड्डी को मजबूत बनाते हैं और दूसरे विकल्प के लिए अपने डॉक्टर से भी संपर्क कर सकते हैं ।

  • फैटी एसिड 

डिलीवरी के दौरान खतरे को कम करने के लिए फैटी ऐसी मुख्या भूमिका अदा करता है इसलिए इसके लिए अपने डॉक्टर से सलाह ले और खाने में फैटी एसिड युक्त भोजन को शामिल करे ।

5 महीने का लक्षण 

शिशु का विकास -16 week pregnancy in hindi

जैसा की मैंने यह पहले बता दिया है की इस महीने में शिशु का विकाश बहुत ही तेजी से होता हैं । इस दौरान शिशु का सभी अंग में ग्रोथ करते हैं जिसे देखने के लिए आप चाहे तो अल्ट्रा साउंड का इस्तेमाल कर सकती हैं ।

इस महीने में यदि अपने बढ़िया से सभी चीजे मैनेज किया है तो पेट में शिशु का घूमना एवं पैर मारना आदि सब महसूस कर सकती हैं । पहले की तुलना में आपके पेट का साइज बड़ा होता चला जाता हैं जो बहार से भी पचना जा सकता हैं ।

इस समय शिशु का साइज लगभग 5 इंच लम्बा हो सकता है और वजन के मामले में 150 grm हो जाता हैं  और महीने के अंतिम दिनों में शिशु का लम्बाई 10 इंच तक चला जाता हैं ।

फोर्थ महीने में  शिशु का हड्डी रुबेर की तरह मुलायम एवं लचीला होता हैं और स्किन पारदर्शिता होती हैं जिसे नशे आर पार दिखाई देती हैं । शरीर के स्किन में एक परत बनती हैजिसे लानुगो के नाम से जाना जाता हैं ।

इसी दौरान शिशु के नाख़ून भी बनाने चालू हो जाते हैं और इसके साथ ही स्किन पर एक मोती परत भी बनती हैं जिसे वर्निक्स कसिओसा के नाम से जाना जाता हैं । यह मोती परत शिशु को अनिमियोटिक फ्लूइड से बचा कर रखती हैं जो जन्म लेने तक साथ रहता हैं ।

वर्निक्स कसिओसा शिशु को जन्म के समय बिरथ कैनाल में ले जाने का काम करता हैं । इस समय शिशु के दोनों कान भी विकसित होने लगते हैं जो आपकी आवाज को भी शिशु बड़े आसानी से सुन सकता हैं ।

क्या करे – (4 month pregnancy symptoms in hindi)

1 ) शिशु को इस समय अधिक मात्रा में पोसन की जरुरत पड़ती हैं और इसके लिए इस कमी को पूरा करने के लिए उस गर्भवती महिला से ही इसे पूरा किया जाता हैं इसलिए ऐसे में उस महिला को पोषक तत्व से भरपूर खाद पदार्थ का सेवन चाहिए ।

2 ) समय है तो एक्सरसाइज करे , पैदल चले , यह सभी डिलीवरी के समय बहुत फायदेमंद होता हैं ।

3 ) इस समय आपका शरीर ज्यादा थकता हैं इसलिए रोज 10 घंटे का विश्राम जरूर ले

4 ) खाने में मछली को साहिल करे लेकिन डक्टर के परमिसन लेने के बाद । क्योंकि मछली में ओमेगा 3 फैटी एसिड एवं अन्य खनिज पदार्थ होते हैं जो इस समय आपको बहुत लाभ पहुंचते हैं ।

5 ) अपने वजन को कण्ट्रोल रखे और खाने में पौस्टिक आहार ही ले ज्यादा फैट वाले वस्तु नहीं खाये

क्या नहीं करे – (pregnancy 4th month in hindi)

1 ) ज्यादा चाय का सेवन करना बंद करे क्योंकि इससे शिशु की हार्ट रेट बढ़ जाती हैं ।

2 ) निचे की तरफ ज्यादा झुकने से बचे

3 ) ज्यादा गर्म पानी से कभी स्नान नहीं करे

4 ) बहार के कोई भी फ्राई किया हुआ वस्तु खाने से बचे

5 ) शराब का सेवन नहीं करे क्योंकि इससे शिशु को फीटल एलकोहल सिंड्रोम हो सकता हैं

6 ) ज्यादा भार सामान नहीं उठाये बल्कि इसके लिए दूसरों से मदद ले

शरीर क चेकअप –4 month pregnancy care in hindi

पहले के मुक़ाबले आज के समय में गर्भवती महिला के लिए कोई सा भी चेकअप कारण बहुत आसान हो गया हैं । इसलिए समय – समय पर जाँच कराने के साथ अपने डॉक्टर के साथ संपर्क में रहना भी बहुत जरुरी  हैं ।

एडिमा चेकअप – इसमें टांगों , एड़ियों और पैरों में सूजन की जांच की जाती है इसलिए असामान्‍य सूजन जेस्‍टेशनल डायबिटीज, प्रीक्‍लैंप्‍सिया या खून का थक्‍का जमने का संकेत हो सकता है।

फीटल हार्ट बिट – डॉपलर अल्‍ट्रासाउंड की मदद से शिशु के दिल की धड़कन को नापा जाता है जिससे पता लगाया जा सके की  धड़कन ज्‍यादा तेज है या धीमी हैं ।

प्रेगनेंसी स्कैनिंग – भ्रूण के विकास में आए बदलावों और स्थति को जानने के लिए अल्‍ट्रासाउंड का सहारा लिया जाता है जिसमे आपको भी बच्चे को देखने का मौका मिल सकता हैं ।

अन्य चेकअप  –  इसमें प्रेगनेंट महिला की स्वस्थ और स्थिति को परखने के लिए पेट , ब्रेस्‍ट और योनि जैसे हिस्‍सों की जांच की जाती है।

निष्कर्ष (pregnancy 14 weeks in hindi-4 महीने गर्भावस्था लक्षण)

आपको मेरा यह लेख 15 week pregnancy in hindi या pregnancy care in 4th month in hindi कैसा लगा जिसमे मैंने किसी गढवाती महिला के इस समयकाल में होने वाले मुख्य बदलाव और शिशु के स्वस्थ और  शरीरिक बनावट को बड़े आसान शब्दों में समझने के प्रयाश किया हैं यदि अच्छे लग तो हमे कमेंट में जरर बताये धन्यवाद ।

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