solar cooker in hindi- सोलर कुकर के उपयोग | कार्य | प्रकार

solar cooker in hindi

what is solar cooker in hindi? धुप के माध्यम से  जिस वस्तु पर हम अपने भोजन को पकाते हैं उसे सोलर कुकर के नाम से जाना जाता हैं । इसपर बने भोजन का स्वाद गैस परे बने भोजन से बिलकुल अलग और स्वादिस्ट होता हैं इसलिए अभी के समय में इसके उपयोग काफी बढ़ रहे हैं

आज मैं इस आर्टिकल के माध्यम से आपको सोलर कुकर के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी देने की कोसिस करूँगा ताकि आपको इसके बारे में यह कैसे काम करता है , इसमें क्या पका सकते हैं , उपयोग , आदि सभी चीजे पता चल जाएँ

पहले के समय में ग्लास के बने हुए सोलर कुकर का प्रयोग हुआ करता था लेकिन आज  इसके इस्तेम्मल करने के लिए ग्लास के प्रयोग को थोड़ा कम कर दिया गए है क्योंकि ये काफी रिस्की होते थे और फर फूटने का भी डरा हमेशा बना रहता है इसलिए इसके जगह अल्लुमिनियम फॉयल का इस्तेमाल किया जाट हैं यह प्राइस में सस्ता होने के साथ इसके फूटने के कोई चांस नहीं होते हैं ।

solar cooker ka diagram

एल्युमीनियम फॉयल तो रिफ्लेक्ट सनलाइट – इस भाग से सूर्य की रौशनी एल्युमीनियम फॉयल से टकराकर सीधे निचे की तरफ कार्ड बॉक्स के अंदर जाती है और यह प्रक्रिया लगातार होता हैं जिससे हमारा रखा हुआ खाना पकने लगता हैं

गिलास और प्लेक्सीग्लास – जहाँ हम भोजन को रखते है वहां पारदर्शिता रखने के लिए ताकि सूरज की रोशनी फॉयल से रिफ्लेक्ट होकर बिना किसी बाधा के फ़ूड बॉक्स तक पहुँच सके इसलिए ग्लास का इस्तेमाल होता हैं

इंसुलेशन बिटवीन बॉक्सेस – अंदर के हीट को बैलेंस बनाये रखने और उस्मा को बहार निकलने से रोकने के लिए बॉक्स के बीच में इंसुलेशन से ब्लॉक किया जाता हैं

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सोलर कुकर का उपयोग 

1 ) यदि आपको किसी भी खाना का नेचुरल स्वाद चाहिए तो आपक सोलर कुकर का इतेमाल करे क्योंकि इसका स्वाद बिलकुल स्वादिस्ट और टेस्टी होता हैं ।

2 ) इसमें आप सभी तरह के पकवान बना सकते हैं इसके बेहतर रिजल्ट के लिए आप इसमें उबलने वाले सामान को ज्यादा बना सकते हैं ।

3 ) सराज की रौशनी जितनी तेज होगी इसकी कार्य करने की क्षमता और भी बढ़ने लगती हैं ।

4 ) इसके अंदर का तापमान 150 से 250 तक होता हैं जिसे खाना बनाने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता हैं ।

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sour cooker का drawing in hindi / सोलर कुकर का ड्राइंग इन हिंदी

 

3 ) डिस वाले सोलर कुकर की तुलना आप अपने गैस के टेम्प्रेचर से कर सकते हैं क्योंकि दोनों का खाना पकते समय का तापमान सेम हो सकता हैं ।और की दूसरे चूल्हे जैसे गैस , ओवन , इंडक्शन , आदि के मुक़ाबले इसका प्राइस काम होता हैं और साथ में सरकार की तरफ से इसे खरीदना पर सब्सिड़ी भी दी जाती हैं जो आपके लिए एक बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं ।

4 ) खाना बनाने के लिए किसी स्पेशल बर्तन की जरुरत नहीं होती है जैसा की इंडक्शन के लिए हमे किसी विषेस बर्तन की जरुरत पड़ती हैं लेकिन सोलर कुकर में कोई भी बर्तन का इस्तेमाल कर सकते हैं

5 ) आपका बर्तन निचे की तरफ ब्लैक हो तो आपके भोजन को पकने में 20 से 30 प्रतिसत का समय घाट जाता है और जैसा की हम जानते हैं की कला रंग रोशनी को अवशोषित करता हैं इसलिए भोजन हमारा जल्दी पाक के त्यार हो जाता हैं

types of solar cooker in hindi

खाना बनाने और जरुरत के आधार पर सोलर कुकर को दो भागों में बांटा गया हैं  जिसकी सूचि आप निचे देख सकते हैं ।

box solar cooker

साइज सबसे छोटे होते हैं  जिस घर में सदस्यों की संख्या 3 से 4 हो उनके लिए यह सबसे अच्छा विकल्प हैं क्योंकि बॉक्स सौर कुकर में  3 से 4 लोगो का ही खाना बनाया जा सकता हैं । इस तरह के बॉक्स सोलर कुकर में धुप पहले अल्लुमिनियम फॉयल से टकरा कर सीधे निचे की तरफ इकठ्ठा होने लगती है जिससे उस जगह का तापमान 150 डिग्री तक चला जाता हैं

इसे प्रयोग करते समय हमेशा पतले और पारदर्शिता वाले बॉक्स ही प्रयोग करे जिससे ज्यादा से ज्यादा हीट आपके पकने वाले भोजन के पास पहुँच सके । यह साइज में छोटे होने के कारण कहीं अपने साथ ले जाया जा सकता हैं

पहले यह सीसे के बने होते था लेकिन अभी के समय में इनमे ज्यादा एल्युमीनियम फॉयल और पारदर्शी कांच का प्रयोग किया जाता हैं बाजार में इसकी कीमत 1500 से 2500 हज़ार तक हैं ।

dish solar cooker 

यह दिखने में साइज से बड़े होते हैं इसलिए जाहिर सा बात है की इसमें 8 से 12 लोगों का खाना आराम से बनाया जा सकते हैं चूँकि डिश सौर कुकर  पूर्ण रूप से एल्युमीनियम और किसी अन्य धातु से मिलकर बनी होती हैं

इसलिए इसके टूटने का डर नहीं होता है आज के समय में इसे भी पोर्टेबल बना दिया गया हैं जिससे इसे भी अपने साथ कहीं भी ले जाया जा सके यदि इसके वजन की बात करे तो यह 25 से 40 किलो का हो सकता हैं

dish-solar-cooker 

भोजन बनाते समय इसके अंदर का तापमान 250 से 300 तक चला जाता हैं जिससे खाना बनाने में ज्यादा वक़्त नहीं लगता । यह बहुत सारे अकार में आ सकते है यदि हम इसका उपयोग निरन्तर करे तो सालाना इस्तेमाल होने वाली 8 से 10 सिलेंडर की बचत आराम से कर सकते हैं इसके प्राइस 3 से हज़ार तक हो सकती हैं और सरकार भी इसी तरह के  सौर कुकर में सब्सिडी प्रदान करती हैं

बॉक्स सोलर कुकर और  डिश सोलर कुकर में क्या अंतर हैं ?

                                 box solar cooker                            dish solar cooker 
1 ) इसमें 3 से 5 लोगों का ही भोजन त्यार किया जा सकता  हैं

2 ) खाना बनाने में समय ज्यादा लगता हैं

3 ) यह एक ही अकार में आती हैं

4 ) वजन कम और अकार छोटे होने के कारण कहीं भी ले जा सकते हैं

1 ) इसमें 8 से 12 लोगों का भोजन बनाया जा सकता हैं

2 ) यह गैस का मुक़ाबला कर सकता हैं और खाना बहुत जल्द बना सकता हैं

3 ) यह बहुत अकार में आते हैं जैसे अंडाकार , स्क्वायर , गोल आदि

4 ) इसका वजन ज्यादा होता हैं इसलिए इसके कहीं ले जाने के लिए 2 से 3 लोगों की जरुरत पद सकती हैं और साइज भी बड़ा होता हैं ।

working of solar cooker in hindi

जिस प्रकार हम बचपन में एक लेंस की मदद से , सूर्य की सीधी रौशनी में लेंस को रख कर निचे रखे किसी वस्तु जैसे कागज़ , प्लास्टिक , माचिस की तिल्ली आदि जलाते थे ठीक उसी सिद्धांत पर यह कार्य करता हैं ।

जब सूर्य की रौशनी एल्युमीनियम फॉयल पर पड़ती हैं तो उससे टकराकर निचे की तरफ एकत्रित होने लगती हैं और सोलर कुकर को कुछ इसतरह बनाया जाता हैं की सारी किरणे इधर उधर ना बिखर कर एक निर्धारित जगह पर जमा हो जाए  जिससे उस जगह का तापमान और किसी दूसरे जगह के मुक़ाबले बहुत ज्यादा (150 से 300 डिग्री ) बढ़ जाता हैं ।

उस जगह पर हम अपने भोजन को रखकर आसानी से पका सकते हैं और पुराने समय में फॉयल की जगह सीसे का प्रयोग होता था जो इसी सिद्धांत पर काम करती थी ।

सावधानियां 

  • अचानक से अपने हाथों को सलार कुकर के पास न ले जाए नहीं तो जलने की सम्भावन बनी रहती हैं ।
  • हमेशा बर्तन को रखते या निकलते समय ग्लोब्स का प्रयोग करे ।
  • सोलर कुकर के सामने किसी जलने वाली वस्तु जैसे माचिस , पेट्रोल , किरासन तेल आदि को न रखे नहीं तो आग पकड़ सकती हैं ।

हानि 

  • यह केवल धुप में काम करता हैं इसे  हम रात में प्रयोग नहीं कर सकते हैं ।
  • चंकी सूर्य की दिशा बदलती रहती हैं इसलिए इसे भी हर 15 से 20 मिनट के बाद सूर्य की तरफ करना पड़ता हैं ।
  • बॉक्स टाइप सोलर कुकर में भोजन बनाने में बहुत समय लगता हैं

निष्कर्ष

आपको मेरी यह छूती सी जानकारी कैसी लगी हमे कमेंट में जरूर बताएं जिससे मुझे आर्टिकल लिखने में हेल्प में मिलता है और इसी तरह के आर्टिकल हम आपके सामने ला पते हैं । अपने किसी सवाल को भी हमसे कमेंट में पूंछ सकते हैं धन्यवाद ।

2 thoughts on “solar cooker in hindi- सोलर कुकर के उपयोग | कार्य | प्रकार”

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