motorola kis desh ki company hai-moto g kaha ki company hai

motorola kis desh ki company hai-मोटोरोला मोबाइल कहा की कंपनी है

क्या आप जानते हैं की आज भी ट्रैफिक पुलिस के द्वारा या फिर रेलवे गॉर्ड जो ट्रैन को चलाने के लिए जिस वायरलेस का इस्तेमाल करते हैं उनमे ज्यादातर मोटोरोला कंपनी के ही डिवाइस होते हैं ।

इसलिए आज मैं आपको motorola kaha ki company hai इसके बारे में पूरी डिटेल में बतानेवाला हूँ जिससे आपको पूरि जनकारी प्राप्त हो सके और आप यदि इस कंपनी का कोई मोबाइल भी खरीदना चाहते है तो इस आर्टिकल के पढ़ने के बाद इसका भी निर्णय आप खुद ले सकेंगे ।

सभी चीज की जानकारी हमे इंटरनेट के द्वारा मिल ही जाता हैं लेकिन फ़ोन को खरीदते समय हम केवल उस मॉडल के फीचर को ही जान पाते हैं लेकिन वह कंपनी कहा की है उसका कुछ सालों से परफॉरमेंस कैसा रहा हैं

यह सब हमे बहुत कम मालुम होता हैं और इसी समस्या को सुलझाने के लिए मैंने आपके लिए यह आर्टिकल लाया हैं जिससे आपको motorola mobile kaha ki company hai इसके बारे में पता चल सके ।

motorolla mobile अमेरिका की multinational telecommunication कंपनी है जो मोबाइल का निर्माण करती है । motorolla ने ही दुनिया को पहला वायरलेस मोबाइल बनाकर दिया था और उसी के सिद्धांत पर आज लाखों अलग – अलग प्रकार के मोबाइल बनाये जा रहे है । कुछ साल पहले मोटोरोला भी समय के साथ अपने मोबाइल मॉडल में परिवर्तन करते हुए सबसे बड़ी मोबाइल निर्माता कंपनी थी

लेकिन जब से 4g का ज़माना आया इसका मार्किट वैल्यू लगातार गिरते चला गया इसलिए कंपनी को लेनोवो के हाथों बेचना पड़ गया लेकिन अभी भी लेनोवो ने उसके नाम से कोई बदलाव नहीं किया इसलिए पता नहीं चलता की मोटोरोला बिक चूका है

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मोटोरोला कहा की कंपनी है(motorola kis desh ki company hai)

25 सितम्बर 1928 को मोटोरोला कंपनी की स्थापना अमेरिका के शिकागो सहर में की गयी थी और इस कंपनी के संस्थापक पॉल गाल्विन और जोसफ गाल्विन है । सुरुवाती दिनों में बहुत ही कम पूंजी में और अपने नए अविष्कार के चलते बहुत कम समय में अच्छा ख़ासा नाम कमा लिया था

जो 2007 तक सबसे टॉप में रहा लेकिन समय के महत्व को नहीं समझ पाने के कारण और मार्किट में दूसरी बहुत सारी चाइनीस कंपनी के आ जाने से मोटोरोला को हर फीचर्स में टक्कर देने लगी और प्राइस भी सस्ती थी जिसके कारण मोटोरोला का वैल्यू गिरने लगा था ।

अच्छा परफॉरमेंस न होने के वजह से कंपनी दिवालिया होने लगी और इसको बचाने के लिए दो भागो में बाटना पड़ा और इसमें से एक भाग को जो की उसके फीचर्स काफी अच्छे थे यह देखकर गूगल ने उस मोटोरोला मोबिल्टी कंपनी को खरीद लिया । फिर गूगल ने इसको दो साल रखने के बाद इसे एक कीह्ना की कम्पनी को बेच दिया जिसका नाम लेनोवो है । lenovo ने motorolla mobile को खरीदने के बाद इसके साथ कोई ज्यादा बदलाव नहीं किये है अब यह एक चाइनीस कंपनी बन चुकी है ।

लेकिन आज भी इसकी ब्रांड वैल्यू को देखते हुए इसके लोगो में या फिर नाम में कोई बदलाव देखने को नहीं मिलता हैं इसलिए इसका मेन ऑफिस अभी भी अमेरिका में ही स्थित हैं लेकिन मोटोरोला को कंट्रोल करने का काम चीन की कंपनी lenovo करती हैं और अभी भी मोटोरोला के नाम से ही सारे मॉडल मार्किट में बेचने के लिए लाती हैं ।

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कंपनी का इतिहास – history(motorola kis desh ki company hai)

पॉल और जोसफ गाल्विन ने साल 1928 को शिकागो में एक किराय के मकान में मात्र 5 एम्प्लोयी के साथ गाल्विन मैन्युफैक्चरिंग कारपोरेशन के नाम से जो की मोटोरोला का पुराना नाम था सुरु की थी । उन्होंने एक नीलाम कंपनी के जिसका नाम स्टीवर्ट बैटरी कंपनी था उससे प्राप्त कुछ वस्तुए से अपने बिज़नेस को सुरु किया था ।

उनका पहला प्रोडक्ट बैटरी एलिमिनेटर था जो उस समय रेडियो को बैटरी और बिजली दोनों पर ही चलाने में सक्षम था पर उनका यह प्रोडक्ट मार्किट में ज्यादा दिन तक नहीं चल सके लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और आने वाले कुछ समय में कार में चलने वाले रेडियो का निर्माण किया और इसको एक सम्मलेन में जिसका नाम रेडियो मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन था उसमे पर्दर्सित कराया गया

जिससे उनकी इस अविष्कार के प्रति लोकप्रियता बढ़ने लगी और यही वो समय था जब उन्होंने इस रेडियो को motorolla के नाम से नचने का फैसला किया ।कंपनी के दवारा बनाया गया पहला रेडियो जिसका नाम motorolla रखा गया था

उन्होंने साल 1930 को इस रेडियो को 30 डॉलर में बेचना चालू कर दिया था । जब कुछ समय बाद उन्होंने यह पाया की उनकी मोटोरोला रेडियो काफी फेमस हो चुकी है तो अपनी कंपनी का नाम बदलकर मोटोरोला रख दिया था ।

दूसरे विस्वयुद्ध के दौरान मोटोरोला कंपनी ने अपने अमेरिकन सैनिकों के लिए पहला रेडियो scr536 का निर्माण किया थो जो उस समय सैनिको को कम्युनिकेशन में काफी मदद करता था और 1947 में मोटोरोला ने अपना पहला टीवी लांच किया जिसका नाम vt-71 रखा गया था । इस तरह मोटोरोला ने राडिओं और टीवी निर्माण के क्षेत्र में अपना पहला कदम रख दिया था ।

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नाशा के लिए अपना पहला सेटेलिते लॉन्चिंग के दौरान 1958 में मोटोरोला कंपनी ने बहुत सारे रेडियो से जुडी मशीन बनाकर दिया था और इसका बाद 3 अप्रैल 1973 को मोटोरोला ने अपना पहला पोर्टेबल फ़ोन दुनिया के सामने पेश किया जिसका नाम motorolla dyna tac था और इस वायरलेस डिवाइस को मार्टिन कूपर ने बनाया था ।

1974 में मोटोरोला ने अपनी tv कंपनी को जापान की एक कंपनी पैनासोनिक को बेच दिया था और इसके बेचने के पीछे का कारण उसको फ़ोन के बिज़नेस में मिल रहे लगातार कामयाबी था इस कारण वह अपना ध्यान केवल फ़ोन की तरफ करना चाह रहे थे इसलिए अपने टीवी कंपनी को बेच दिया ।

इसी का नतीजा था की उन्होंने साल 1984 को पैन पहला सेलुलर फ़ोन बना दिया था जिसका नाम dyna tac 8000x था जो आगे चलकर बहुत फेमस हुआ । फिर इसके बाद मोटोरोला ने लगातार अनेको खूबियों वाले फ़ोन बाजार में लाती रही

लेकिन उसको टक्कर देने के लिए बाजार में सिर्फ एक ही मोबाइल कंपनी नोकिआ थी  जो आगे आने वाले समय में सबसे टॉप कर गयी और मोटोरोला दूसरे नंबर की हो गयी ।

साल 2007 के बाद मोटोरोला का मार्किट कम होता चला गया और 4 जनवरी 2011 को मोटोरोला को दो भागों में बांटा गया जिसका पहला नाम मोटोरोला मोबिलिटी था और दूसरा नाम मोटोरोला सलूशन ।

इनमे से गूगल ने मोटोरोला मोबिलिटी को खरीद लिया जो की अपने पास दो साल तक रखा और फिर इसे लेनोवो कंपनी को बेच दिया । आज लेनोवो का ही दें है की इस कंपनी को फिर से वही जान डालने की कोसिस की जा रही हैं यह अपना पुराना अंदाज़ में फिर से एक बार खड़ा हो सके ।

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motorolla ka malik kaun hai ?(motorola kis desh ki company hai)

मोटोरोला का जब स्थापना किया गया था तब पॉल गाल्विन और जोसफ गाल्विन थे लेकिन इस कंपनी को जब गूगल को बेचा गया तो गूगल इसका मालिक बना लेकिन सिर्फ दो साल के अंदर ही गूगल ने मोटोरोला को लेनोवो के हाथ बेच दिया

जिसको अभी के समय में तीसरे मालिक के रूप में जाना जाता हैं और उनका नाम legend holding हैं जो आज के समय में motorolla mobile के founder हैं इसलिए आज के समय में यदि आपसे पूछ जाये की मोटोरोला के मालिक कौन हैं तो इसका जवाब legend holding होगा न की पॉल और जोसफ गाल्विन ।

motorolla का अविष्कार 

हमने अभी तक यह पढ़ लिया है की मोटोरोला ने किस तरह रेडियो और टीवी को बनाकर बाजार में बेचना स्टार्ट कर दिया था लेकिन क्या आप जानते हैं की सन 1974 में मोटोरोला ने अपना पहला माइक्रो प्रोक्सेस्सोर लांच किया था

जिसका नाम mc60 था और इस प्रोसेसर के उपयोग कम्प्यूटर के निर्माण में किया जाता था । फिर इसके बाद 1980 में मोटोरोला ने सेकंड जनरेशन वाले प्रोसेसर को मार्किट में लांच किया जिसका नाम mc8000 था और आपको मैं बता दू की उस समय एप्पल की कमपनी इस प्रोसेसर को अपने कम्प्यूटर में इस्तेमाल करती थी ।

लेकिन इसके बाद मोटोरोला ने ही अपना पहला नया फ़ोन बनाया और इसको मार्किट में लांच किया  फिर इसके बाद उसने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा लेकिन एक समय ऐसा भी आया जब इस कमपनी को 2011 में 4.3 बिलियन डॉलर का नुक्सान हुआ जिससे उसने इस कंपनी को बेचने में ही भलाई समझा ।

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  • मोटोरोला  dyna tac( 1983 )

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यह दुनिया का सबसे पहला वायरलेस फ़ोन था जो की आज के समय में देखने में काफ हसीपद लगता है लेकिन उस जमाने में यह बहुत प्रचलित और हाई डिमांड वाला फ़ोन था और इसी मोबाइल के देन हैं की आज के समय में हम बहुत सारे खूबियों से भरपूर मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे हैं जो इस मॉडल के मोबाइल का नामोनिशान मिटा दिया है ।

  • motorolla microtac ( 1989 )

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उस समय का मार्किट में उपलब्ध सबसे छोटा और हल्का फोन था जो दुनिया भर में बहुत  सुर्खियाँ बटोरीं। यह वास्तव में पोर्टेबल फ़ोन था और 1980 के दशक के अंत और 1990 की शुरुआत में हर म्यूजिक वीडियो के बारे में बताया गया था।

  •  d160 ( 1997 )

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यदि आप 1990 के दशक में StarTAC का खर्च नहीं उठा सकते थे, तो आपको थोड़े सस्ते दाम में उपलब्ध था । इसे पहले PAYG (पे-एज़-यू-गो) फोनों में से एक के रूप में भी याद किया जाता है।

  • motorolla i1000 plus ( 1998 )

I1000plus एक डिजिटल फोन, दो-तरफ़ा रेडियो, अल्फ़ान्यूमेरिक पेजर, इंटरनेट माइक्रोब्रोज़र, ई-मेल, फ़ैक्स और टू-वे मैसेजिंग को मिलाने वाला दुनिया का पहला हैंडसेट था।

  • motorolla timeport ( 1999)

मोटोरोला टाइमपोर्ट,  मोटोरोला द्वारा निर्मित कई कैंडीबार फोन में से एक था ।इस मॉडल  में एक कार्बनिक इलेक्ट्रोल्यूमिनसेंट डिस्प्ले शामिल था, जो पूरी तरह से रंगीन  नहीं था

लेकिन इसमें क्लासिक साग, ब्लूज़ और रेड्स शामिल थे। Timeport ने GSM 900MHz, 1800MHz और 1900MHz नेटवर्क पर काम करके अपना नाम बहुत फेमस किया , जिसका अर्थ है कि यह यूके, अधिकांश यूरोप और संयुक्त राज्य अमेरिका में भी काम कर सकता है  और  यह फोन उस समय कार्यकारी का पहली पसंद का फोन था।

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a760 ( 2003 )(motorola kis desh ki company hai)

मोटोरोला-a760

A760 लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम और जावा से सुसज्जित , पूरी पीडीए कार्यक्षमता के साथ संयोजित करने वाला दुनिया का पहला मोबाइल  था। इस डिवाइस की मुख्य विशेषताओं में एक डिजिटल कैमरा, वीडियो प्लेयर, एमपी 3 प्लेयर, स्पीकरफ़ोन, मल्टीमीडिया मैसेजिंग और यहां तक कि ब्लूटूथ तकनीक भी शामिल था ।

  • motorolla razr ( 2004 )

2004 में वापस, हमारे पास मोटोरोला RAZR के बारे में बहुत सारी अच्छी बातें थीं। इसकी बेहद पतली डिजाइन ने इसे प्रतियोगिता में सबका दिल जित लिया , और यह विशेष मॉडल अब पूरी रेज़र श्रृंखला के साथ जुड़ने को तैयार था और लोग इसके नेक्स्ट वर्शन आने का इंतजार करते थे ।

 

एक स्लिम और मेटैलिक बॉडी ने मिनिमलिस्टिक स्मार्टफोन डिज़ाइन के भविष्य की बात की जो RAZR बेतहाशा सफल साबित हुआ और मोटोरोला ने 2006 तक इस मॉडल का मोबाइल को 50 मिलियन यूनिट से अधिक की बिक्री की।

  • motorolla zen5 ( 2008 )

मोटोरोला ZN5 ने देखा कि मोटोरोला RAZR के गौरवशाली दिनों को फिर से याद करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा था । इस बार मोटोरोला ने कोडक के साथ मिलकर फोटोग्राफी पर ध्यान केंद्रित करने के लिए एक मोबाइल  जारी किया।

कैंडीबार स्टाइल के इस फोन में 5-मेगापिक्सल का कैमरा और साथ ही मल्टीमीडिया अनुप्रयोगों के लिए अनुकूलन शामिल था । हमें उस समय ZN5 थोड़ा अटपटा लगा, लेकिन यह निश्चित रूप से मोटोरोला के अधिक दिलचस्प मोबाइल में से एक था

  • droid razr max (2012)

रेज़र श्रृंखला को पुनर्जीवित करने के लिए , एक लंबे समय तक चलने वाला बैटरी जीवन और प्रभावशाली स्मार्ट एक्शन सॉफ्टवेयर था। Motorola Droid Razr Maxx ने एक बार फिर मोटोरोला को RAZR max के धुंधला दिनों को राहत देने की कोशिश करते हुए देखा।

इस नए डिवाइस में मूल डिवाइस के समान स्टाइल नहीं हो सकता था, लेकिन इसके पास क्या था जो एक स्मैशिंग बैटरी थी – जो दो दिनों तक चलती थी। उस समय, यह संभवतः अपने आप में सबसे अच्छा एंड्रॉइड डिवाइस था, खासकर यदि आप कोई लम्बा बैटरी बैकअप के तलाश में हो तब यह मोबाइल आपके लिए बेस्ट था

निष्कर्ष(motorola kis desh ki company hai)

दोस्तों आपको मेरा यह आर्टिकल motorola kahan ki company hai कैसा लगा हमे अपनी राय और अपने सवाल को कमेंट में लिखकर जरूर बताएं जिसका हमे जवाब देने का इंतजार रहता हैं और इस वजह से हम इतना हेल्पफुल आर्टिकल आपके लिए ला पाते हैं धन्यवाद ।

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