calculator ka avishkar kisne kiya-electronic computer ka avishkar kisne kiya

calculator ka avishkar kisne kiya-कैलकुलेटर का आविष्कार किसने किया

दोस्तों मैं आज एक इतना महत्वपूर्ण इसे के बारे में बताने वाला हूँ जो दिखने में तो दो टॉपिक है लेकिन यदि मैं आपको यह बोलू की कैलकुलेटर का अपडेट वर्शन कम्प्यूटर है तो आप सायद कुछ देर के लिए विस्वास नहीं करेंगे लेकिन जब मेरे आर्टिकल को पूरा पढ़ेंगे तब आपको समझ आएगा की calculator  से computer  बनाने तक का सफर कैसा था ।

इस आर्टिकल की मदद से आपको दो सवालों के जवाब computer ka aviskar kisne kiya tha और calculator ka avishkar kisne kiya tha , मिलने वाले है ,

वो भी पूरी डिटेल के साथ जिससे आपको ज्यादा से ज्यादा नॉलेज मिल सके और इससे सम्बंधित कोई सवाल कोई सवाल आपके मन में ना रहे , यही हमारी भी कोसिस रहती हैं की एक जगह सरे जवाब आपको मिल जाए ।

calculator invention in hindi

आज के समय में कैलकुलेटर की उपयोगिता हर किसी को है चाहे वो स्टूडेंट हो या कोई बड़ा बिजनेसमैन हो या फिर कोई दुकानदार हो सभी को अपने हिसाब का ब्यौरा निकलने के लिए calculator की जरुरत पड़ती है क्योंकि यह हमारे समय को बचाने के साथ सही रिजल्ट को दिखता हैं जिसपे हम भरोसा भी कर सकते है ।

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कैलकुलेटर एक ऐसा इलेक्ट्रिक डिवाइस है जो माथा से जुडी जोड़ , घटाव , गुना , भाग  आदि को मिनटों में सॉल्व कर सकता है यदि हम इन्ही को कैलकुलेशन किसी कॉपी या कलम से निकाले तो हमारा काफी समय बर्बाद हो सकता है

सायद गलत भी हो जाए इसलिए हम कैलकुलेशन से जुडी  बड़ी से बड़ी समस्या को कम्प्यूटर के द्वारा तो निकाल लेते है लेकिन छोटी कैलकुलेशन के लिए हम हमेशा calculator का इस्तेमाल करते है ।

 कैलकुलेटर का इतिहास -calculator ka history

17 वी सदी के बिच में यानी की 1642 के आस पास जो कैलकुलेटर का इस्तेमाल किया जाता था उसे हम mechanical calculator कहते हैं जिसका अविष्कार विल्हेम सिकार्ड ने किया था और इस मैकेनिकल कैलकुलेटर का नाम ब्लेज पास्कल रखा गया था ।

कैलकुलेटर के रूप में हमे यही आभास  होता है कि इसके  बिना गणित की कल्पना करना हमारे लिए लगभग असंभव है। कहा जाता है की , आज हम जिस  कैलकुलेटर के बारे में जानते हैं, उसका आविष्कार 1970 के दशक तक नहीं किया गया था,

कैलकुलेटर के रूप में मोबाइल फ़ोन  का उपयोग कम से कम 1990  तक शुरू नहीं हुआ था। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि 20 वीं शताब्दी से पहले किसी भी प्रकार के कोई गणित  उपकरण मौजूद नहीं थे – डिजिटल कैलकुलेटर और फ़ोन  से पहले कई अलग-अलग कंप्यूटिंग मशीनें बनाई जा चुकी थी ।

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मुख्य रूप से गणित की समस्या को जल्दी हल करने के लिए  जो पहला उपकरण बनाया गया था वो एबेकस था, जिसकी बनाने की संभावना लगभग 2500 ई.पू. है । एबेकस एक एकल इकाई का प्रमाणित  करने वाली  मोतियों या पत्थरों के साथ एक लम्बी  स्तंभों की एक तालिका थी, जिसे जोड़ या घटाव के लिए इस्तेमाल किया जा सकता था।

आनेवाले समय में अन्य संस्कृतियों ने एबेकस को बदल दिया  चीनी, उदाहरण के लिए,  एक बांस के फ्रेम के भीतर तार पर मोती डालते हैं और उसकी गणना करके कोई निष्कर्ष पर पहुंचते थे । दुर्भाग्य से, एबेकस गुणा या विभाजन के लिए कोई उपकरण नहीं  था, इसलिए एक नए और अधिक सुविधजनक  उपकरण के आविष्कार की आवश्यकता थी।

कैलकुलेटर का आविष्कार किसने किया था(calculator ka avishkar kisne kiya)

तेजी से आगे बढ़ते हुए 4,500 साल बाद यानि की 1617 में , जब स्कॉटिश गणितज्ञ जॉन नेपियर ने रबडोलोजी उपकरण प्रकाशित किया, जो  “calculation with rods

अथार्त नेपियर ने अपने लेख में एक ऐसे उपकरण के बारे में बताया जिसे नेपियर की हड्डियों के नाम जानते है । “हड्डियाँ” से मेरा मतलब  यह एक पतली छड़  होती हैं, जिन्हें गुना करने के लिए अंकित किया जाता है।

इसको उपयोग करने वाले लोग  छड़ के vertical alignment को बदलकर और क्षैतिज रूप से गुणन सारणी को पढ़कर अपनी तय राशि निकाला करते थे, हालांकि इन उपकरणों ने गणना में बहुत सहायता की ।

कैलकुलेटर-का-आविष्कार-किसने-किया

1642 में, पहला  सही रिजल्ट वाला  “कैलकुलेटर” का आविष्कार किया गया था जिसमे  घड़ी की में लगनेवाले मकानिसम का इस्तेमाल किया गया था  । फ्रांसीसी आविष्कारक और गणितज्ञ ब्लाइज़ पास्कल द्वारा आविष्कार किए गए पास्कल कैलकुलेटर को पहले से असंभव माना गया था

लेकिन दुर्भाग्य से, उन्हें नया बनाकर विकसित करना बहुत कठिन था और ऐसे उपकरण बहुत कम कभी बनाए गए थे। उन्नीसवीं सदी के मध्य में थॉमस डी कोलमार के हाथों आविष्कार किया गया यांत्रिक कैलकुलेटर, और इन्हे नए उत्पादन करने में आसान थे, लेकिन बहुत बड़े और भारी-सभी पॉकेट कैलकुलेटर से हम अभी तक परिचित नहीं हुए थे ।

कर्ट हर्ज़स्टार्क के द्वारा  1945 में बनाए गए एक डिज़ाइन से पहला हैंडहेल्ड, मैकेनिक कैलकुलेटर का आविष्कार किया। एक स्टफ काली मिर्च की चक्की के समान आकार का, कर्टा कैलकुलेटर 1970 तक बड़ी मात्रा में तैयार किए गए थे,

जब जापान की एक कंपनी और इंटेल ने मिलकर 1970 में ही एक डिजिटल कैलकुलेटर का निर्माण किया जिसे आसानी से पॉकेट में रखा जा सकता था उसके मार्किट में आते ही इन डिवाइस की मांग कम हो गयी थी ।

digital computer ka avishkar kisne kiya

जिस तरह मोबाइल फ़ोन को सिर्फ बात करने के मकसद से बनाया गया था और कोई दूसरा उदेस्य नहीं था इसे बनाने का , सिर्फ  इसे आप इंसान की सोच कहिये या फिर वैज्ञानिक की तकनीक ,

और यही कारण है की आज के समय में हम मोबाइल के द्वारा अपने अनेको काम को चुटकियो में कर सकते हैं ऐसा कोई काम नहीं है जिसे हम मोबाइल के द्वारा नहीं कर सकते सिवाय खाना बनाने के ।

ठीक उसी प्रकार कैलकुलेटर के बारे में भी हमारा सोच मोबाइल फ़ोन की तरह ही था जैसे समय बीतता गया हम उस कैलकुलेटर में कुछ न कुछ जोड़ते चले गए और एक दिन ऐसे डिवाइस का निर्माण कर बैठे जिसे आज हम लैपटॉप या कम्प्यूटर के नाम से जानते है ।

  • computer ka history- कंप्यूटर का इतिहास 

कंप्यूटर का अविष्कार 19 वी सदी  में हुआ था जिसे एक माथमेटिशन प्रोफेसर ने बनाया था जिसका नाम charles babbage था जिन्हे father of computer भी कहा जाता है ।

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उन्होंने ने ही सबसे पहले ही first mechanical computer का निर्माण किया था जो की एक तरह से automatic mechanical calculator था जिसे आज के समय में उसे modern computer का basic framework कहा जाता है ।

वही ब्रिटिश माथमेटिशन charles babbage (1791-1871) ने steam powered द्वारा एक mechanical calculator का निर्माण किया जिसे उन्होंने उस समय differential engine का नाम दिया था  ।

यह एक सिंपल कैलकुलेटर से कही ज्यादा अच्छा था और साथ में ढेर सारे नंबर सेट्स को एक साथ हल करने में सक्षम भी था और अंत में प्रूव के लिए एक हार्ड कॉपी भी प्रदान करता था ।

इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर का आविष्कार किसने किया(calculator ka avishkar kisne kiya)

charles babbage के अविष्कार difference  engine को डेवेलोप करने में एक और वैज्ञानिक ada lovelace ने उनकी बहुत मदद की तब जाकर इनका मशीन polynomial equation को सॉल्व करने में सक्षम हुआ

साथ में मैथमैटिक्स टेबल को भी प्रिंट करने में सफलता प्राप्त की थी । इसके बाद charles ने 1837 में पहली general mechanical computer बनाने की घोसना की

आगे चलकर difference engine , sucessor में तब्दील होने वाला था और उसका नाम वो analytic engine रखने वाले थे लेकिन यह कहब वो अपने जीते जी पूरा नहीं कर सके ।इसके बाद उनके सबसे छोटे बेटे henry babbage ने इस मशीन के एक हिस्से को बनाकर पूरा किया जो की सभी तरह के basic calculation करने में सक्षम था ।

पहला इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर का निर्माण – pahla electronic computer kisne banaya

john vincent atansoff ने सबसे पहले दुनिया का पहला कंप्यूटर का निर्माण किया था । j.presper eckert , eniac और john mauchly ने मिलकर electronic numerical integrator and computer को बनाया था

जिस संस्था में इसका निर्माण हुआ था उसका नाम university of pennsylvania था । इसके डिज़ाइन और कंस्ट्रक्शन में होने वाले पुरे खर्च को अमेरिका के us milatry द्वारा वहन किया गया था ।

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तब यह 1800 स्क्वायर फ़ीट में फैला हुआ और 200 किलोवाट इलेक्ट्रिक पावर से चलने वला उपकरण हुआ करता था जिसमे लगभग 10,000 कपैसिटर , 70,000 रेसिस्टर  और  18000 वैक्यूम टुब्स का इस्तेमाल किया गया था

यह वजन में करीब 50 टन था । फिर भी कई लोग यह भी मानते है की ABC computer पहला डिजिटल कंप्यूटर था और कुछ लोग eniac को भी पहला कम्प्यूटर बनाने का दर्जा देते है ।

progrmmable computer ka awishkar kisne kiya 

जर्मन सिविल इंजीनियर , कोनराड जूस ने साल 1938 को दुनिया का पहला freely programmable binary driven mechanical computer का निर्माण किया था । उन्होंने इस कंप्यूटर का नाम z1 रखा था

इन्हे लोग modern computer के जनक भी मानते है । यह वजन में 100 किलो का था और इसमें 2000 इलेक्ट्रिक पार्ट्स का इस्तेमाल किया गया था । इसका नाम पहले v1 यानी की versuchsmodell 1 था लेकिन वर्ल्ड वॉर 2 के बाद इसका नाम बदलकर z1 रख दिया गया ।

1951 में दुनिया का पहला commercial computer का निर्माण हुआ जिसका नाम univac1 ( unversal automatic computer 1 ) था जो नंबर और अल्फाबेट को सुलझाने या दर्शाने में सक्षम था । इसे भी j.presper eckert और  john mauchly ने ही डिज़ाइन किया था जो eniac के अविष्कारक थे ।

डिजिटल कंप्यूटर का आविष्कार किसने किया था -digital computer ka avishkar kisne kiya

साल 1937 को atanasoff  और  clifford berry द्वारा सबसे पहले digital computer को बनाया गया था इसलिए इसका नाम abc computer रखा गया था ।

  • company ke computer और उसके नाम 

dell  :- इस कंपनी ने 1985 को मार्किट में अपना पहला कंप्यूटर उतरा था जिसका नाम turbo pc रखा गया

compaq :- 1983 को मार्च महीने में कॉम्पैक ने अपना पहला कंप्यूटर का निर्माण किया था जिसका नाम compaq portable था

hewlett packard :- इस कंपनी ने 1966 में अपना पहला कंप्यूटर बनाया था जो की एक जनरल कंप्यूटर था जिसका नाम hp-2115 था

toshiba :- 1954 में तोशिबा ने अपना पहला कंप्यूटर बनाया था जिसका नाम tac था जो की एक डिजिटल कम्प्यूटर था

  • pahla desktop personal computer 

अभी तक हमने यह जाना की किस तरह दुनिया के सभी सरकार ने अपने देश की सुरक्षा और महत्वपूर्ण डाटा को सरंक्षित  करने के लिए बड़े से बड़े कंप्यूटर का निर्माण कराया था लेकिन इसे अभी तक आम जनता के उपयोक के लिए नहीं बनाया गया था

इस समस्या को देखते हुए दुनिया का सबसे पहला पर्सनल कंप्यूटर मार्किट में उतारा गया था जो की एक इटैलियन कंपनी olivetti द्वारा 1964 में बनाया गया था जिसकी कीमत 3200 डॉलर थी जो की आज के हिसाब से 2 लाख रूपए थी ।

इसके बाद 1985 में atari corporation ने एक पर्सनल कंप्यूटर 520st का निर्माण किया जिसमे एक 32 बिट का रंगीन कंप्यूटर था और इसमें 256kb ram इनस्टॉल थी एवं साथ में एक floppy डिस्क भी जो डाटा स्टोरेज का काम करती थी ।

भारत में पहला कंप्यूटर – india me pahla computer (calculator ka avishkar kisne kiya)

साल 1952 में भारत में पहली बार कोलकाता के भारतीय विज्ञान संस्थान में स्थापित  किया किया गया था  । यह एक तरह से analog computer था जो बाद में बंगलोरे में भी इनस्टॉल किया गया था ।

लेकिन भारत में असली कंप्यूटर युग की सुरुवात 1956 से सुरु हुई जब एक डिजिटल कंप्यूटर को जिसका नाम hec-2m था इसे भी पहली बार कोलकाता के विज्ञान केंद्र के अंदर इनस्टॉल किया गया था ।

इस कम्प्यूटर को लगाने के बाद भारत पुरे एशिया में जापान के बाद दूसरे नंबर पर आ गया था जिसने कोई डिजिटल कंप्यूटर को इनस्टॉल कराया था फिर इसके बाद कोलकाता में ही ural नाम का एक और कंप्यूटर को स्थापित किया गया था

जिसे रूस से लाया गया था लेकिन इन सभी को 1964 तक ही इस्तेमाल किया जा सका था और उसके बाद इसे हमेशा के लिए बंद कर दिया गया ।

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क्योंकि 1964 के बाद ibm की कंप्यूटर सबसे ज्यादा चलन में थी और इसे चलना भी बेहद आसान था इसलिए भारत के कोलकत में 1964 में इसे इनस्टॉल किया गया था जिसका नाम ibm 1401 था और यह एक डाटा प्रोसेसिंग सिस्टम कंप्यूटर था इसको ibm ने 1959 में पहली बार मार्किट में उतारा था ।

अभी तक जितने भी कंप्यूटर का अपने नाम सुना वे सभी दूसरे देश से मंगाए गए थे लेकिन असल में 1966 में भारत की दो संस्था भारतीय सांख्यकी संस्थान और यादवपुर यूनिवर्सिटी ने मिलकर भारत का पहला कंप्यूटर बनाया जिसका नाम isiju रखा गया था ।

bharat ka pahla super computer – सुपर कंप्यूटर का निर्माण 

भारत का पहला सुपर कंप्यूटर का नाम param – 8000 था जिसका फुल फॉर्म – parallel machine होता है । इस कंप्यूटर को c-dac के द्वारा बनाया गया था जिसका फुल फॉर्म centeral for development of advanced computing है और इसे 1991 में बनाया गया था । इसको बनाने में vijay p.vatker का बहुत बड़ा योगदान मन जाता है ।

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फिर इसको अपडेट करके param-1000 को 1998 में बनाया गया था और इस param-8000 की रेटिंग 1 gigaflop थी । इसको बनाने में लगने वाले सारे इलेक्ट्रिक पुर्जे को open domestic market से ख़रीदा गया था । long range  weather  forecasting , remote sensing , drug design आदि इस सुपर कंप्यूटर के कुछ महत्वपूर्ण फंक्शन है ।

इंडिया में जो पहला कंप्यूटर को लगाया गया था उसकी कीमत उस समय 10 लाख रूपए थी और उसका नाम HEC-2M था जिसको कोलकाता के indian satistical institute में इनस्टॉल किया गया था और इसकी लम्बाई 10 फिट , चौड़ाई 7 फिट और उचाई 6 फिट थी । यह भारत का पहला फर्स्ट जनरेशन कंप्यूटर था ।

निष्कर्ष (calculator ka avishkar kisne kiya)

दोस्तों आपको मेरा यह आर्टिकल electronic computer ka avishkar kisne kiya hai और साथ में calculator ka avishkar kisne kiya in hindi कैसा लग हमे कमेंट के जरिये जरूर बताये जिसकी प्रतीक्षा हमे हमेशा रहती है और अपने सवाल को भी पूछ सकते है धन्यवाद ।

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