difference between solar battery and inverter battery in hindi

difference between solar battery and inverter battery in hindi

आज हम बहुत ही महत्वपूर्ण टॉपिक पर बात करने वाले हैं की आखिर सोलर बैटरी और इन्वर्टर बटेरी में क्या फर्क हैं  और दोनों के सामान एम्पेयर रहने के बावजूद भी कैसे सोलर बैटरी इन्वर्टर बैटरी से महंगा होता हैं

आपको बैटरी में दिखने वाले सबसे फेमस लोगो c10 , c20 के बारे में भी बात करेंगे की आखिर में इस रेश्यो का बैटरी से क्या लेना देना है

आपको कौन सा रेश्यो वाला बैटरी पसंद करना चाहिए जिससे आपको लेने  के बाद बैटरी ज्यादा सालों  तक अच्छे से चले । मैं एक राय देना चाहूंगा की यदि आप सोलर इस्तेमाल करते है तो कभी भी नार्मल बैटरी नहीं खरीदें क्योंकि सोलर पैनल को ध्यान में रख कर ही सोलर बैटरी को बनाया जाता है

1 ) सोलर बैटरी में जो भी मटेरियल इस्तेमाल किये जाते हैं वो सभी नार्मल बैटरी की तुलना में बहुत हैवी होते है यानी की इन हैवी मटेरियल के प्रयोग से सोलर बैटरी की चार्जिंग सहने की क्षमता , हीट , एम्पेयर सभी मामलो में यह नोरमल बैटरी से अलग होतें हैं

2 ) यदि हम दूकान दार से बैटरी लेते समय इसके वारंटी के बारे में पूछेंगे तो हमे दोनों शेम एम्पेयर के बैटरी की वारंटी को अलग अलग बताता हैं जो की यह इसका दूसरा सबसे बड़ा फायदा है यदि आप battery की वारंटी ज्यादा चाहते हैं

3 ) इलेक्ट्रिक के कोई भी डिवाइस को ज्यादा दिन तक चले इसके लिए हमे उस डिवाइस का हमेशा ख्याल रखना पड़ता है इसलिए बाटरी के साथ भी यह नियम लागु होता यदि आप inverter battery को मैंटेन करके रखते हैं तो इसकी लाइफ 5 से 6 साल हो जाती है दूसरी तरफ सोलर बैटरी की लाइफ 8 से 10 साल तक होता हैं

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सोलर बैटरी और नार्मल बैटरी में क्या अंतर है 

4 ) सोलर और नोरमल बैटरी के वाटर इंडिकेटर के निचे जो प्लेट की सरंचना होती है उसमे जमीन और आसान का फरक होता है कहने का मतलब यह है की सोलर बैटरी के जो प्लेट होते हैं

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वो नार्मल बैटरी के प्लेट की तुलना में दुगने मोटे होते हैं और नार्मल बैटरी की प्लेट की थिकनेस थोड़ी पतली होती हैं इसलिए मैंने ऊपर में बताया है की सोलर बैटरी की सहने की क्षमत बहुत ज्यादा होती हैं

5 ) प्राइस के मामले में इन्वर्टर बैटरी सस्ता होता हैं और सोलर बैटरी थोड़ा महंगा उतना भी नहीं शेम एम्पेयर के बैटरी के तुलना में 2 से 3 हज़ार रूपए का ही फर्क होता है ।(difference between solar battery and normal battery in hindi)

6 ) नार्मल बैटरी जैसे ही 3 या 4 साल पुराणी होती हैं वैसे ही इसके अंदर लगे प्लेट में मटेरियल झड़ने लगते हैं और बैटरी बैकअप कम देने लगता हैं लेकिन सोलर बैटरी के प्लेट चूँकि दुगने मोटे होते हैं इसलिए सोलर बैटरी 8 साल या 10 साल बाद झड़ना सुरु करते हैं

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7 ) कोई भी बैटरी काफी हद तक टेम्प्रेचर के हिसाब से भी वर्क करता है इसलिए आप जब भी इसे इनस्टॉल कराये तो कोसिस करनी चाहिए की इसे किसी ठन्डे स्थान पर रखा जाए ताकि टेम्प्रेचर बैलेंस में रहे

यदि बैटरी गर्म होगा तो वो बैकअप कम देने लगेगा क्योंकि उसके अंदर चार्ज पार्टिकल हीट के वजह से कम हो जाते हैं और इस मामले में भी सोलर बैटरी नार्मल के मुक़ाबले अच्छा बैकअप देता हैं

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battery me c10 aur c20 kya hai (difference between solar battery and inverter battery in hindi)

  • यह मुख्या रुपए से बैटरी के चार्जिंग और डिस्चार्जिंग को दर्शाती हैं की बैटरी कितने देर में चार्ज होगा या फिर डिस्चार्ज होगा ।
  • c10 या  c20 का मतलब हैं की किसी बैटरी में मान ले की कोई 150 एम्पेयर का बैटरी में c10 लिखा हैं तो इसका मतलब यह हुआ की उस बैटरी को फुल चार्ज करने के लिए हमे 10 घंटे का समय लगेगा और कम से कम हमे 15 एम्पेयर के इन्वर्टर से चार्ज करना होगा ।
  • यह भी ध्यान दे की c10 वाले बैटरी में हमे 15 एम्पेयर से ज्यादा का इन्वर्टर का प्रयोग नहीं करना है ।
  • और यदि c20 की बात करे 200 एम्पेयर लिखा हैं तो इसके लिए हमे 10 एम्पेयर वाले इन्वर्टर की जरुरत पड़ेगी ।

kya solar battery ko inverter me istemal kar sakte hain

हाँ सोलर बैटरी को इन्वर्टर में इस्तेमाल किया जा सकता हैं क्योंकि इस तरह के बैटरी को चार्जिंग के समय ज्यादा एम्पेयर झेल सके इसी उद्देस्य से बनाया गया होता हैं और साथ में सोलर से इन्वर्टर के मुक़ाबले एम्पेयर ज्यादा आती हैं

इसलिए सोलर बैटरी के इस्तेमाल इन्वर्टर में कर सकते हैं लेकिन इन्वर्टर बैटरी का इस्तेमाल हम सोलर में नहीं कर सकते हैं क्योंकि उसमे ज्यादा ampere झेलने की ताकत नहीं होती हैं इसलिए उसके खराब होने के चांस ज्यादा रहते हैं ।

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conclusion

आपको मेरा आर्टिकल solar battery vs normal battery hindi उम्मीद करता हु की बहुत पसंद आया होगा आप चाहे तो अपनी परतकिर्या हमे कमेंट के द्वारा बता सकते हैं जिससे मुझे और भी अच्छे आर्टिकल आपके सामने लेन में हेल्प मिलता है धन्यवाद ।

8 thoughts on “difference between solar battery and inverter battery in hindi”

  1. मैने 100 ah का हैवी ड्यूटी सोलर बैट्री लिया है क्या मैं अंपने 725 v.a . माइक्रोटेक इनवर्टर मे चला सकता हूं

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    • हाँ चला सकते है बस आपको एक चीज का ध्यान देना होगा की आपके इन्वर्टर और आपका बैटरी दोनों यदि 12 volt को सपोर्ट करते है की नहीं। यदि आपका बैटरी १२ volt का है और इन्वर्टर में भी १२ volt की बैटरी पहले इस्तेमाल कर चुके है तब आपको इस्तेमाल करना चाहिए इसमें कोई दिक्क्त वाली बात हीं है

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  2. 150 Ah ki solar battry me kitne watt k solar use kiya ja sakta hai. Jo 8- 10 ghante me full charge kr de

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    • 100 waatt ke chaar panel ka istemaal kar skte hai kyonki ek 100 watt ka panel km se km 4 se 5 ampere kadi dhup me deta hai jo yado 10 ghnate bhi dhup rahti hai to 40 ampere apka battery charge ho jayega isliye km se km 500 watt ka penel install karenge to baatery full charge ho jayegi lekin is dauraan apko koi load nahi dena hoga yadi din me koi load dena chahte hai plate duguna karna padega jisase aap saam ko backup ke rup me bhi istemaal kar sakte hain .

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  3. sir,
    I have purchase Microtek 1225 va & Exide Solar tubular 150ah battery , how any trouble with this

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    • AAPNE BILKULBADHIYA BATTERY PASAND KIYA HAIN IS COMPANY AUR BATTERY ME KOI DIKKAT NAHI HAIN AUR SATH HI APKA LOAD YADI 2 PNKHA , 4 LED , AUR EK TV HAI TO YAH ARAAM SR 7SE 8 GHNTA BACKUP DE SAKTA HAIN

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