bijli board ka connection- बिजली बोर्ड कनेक्शन कैसे करे

bijli board ka connection

यदि आप बिजली बोर्ड कनेक्शन के बारे में कुछ सीखना या जानना चाहते है तो इससे बढिये जगह सिखने के लिए आपको कहीं भी नहीं मिलेगा क्योंकि मैं आज इस आर्टिकल के माध्यम से आपको बहुत ही सिंपल और आसान तरीके से आखिर कैसे bijli board ka connection किया जाता हैं इसके बारे में आसान भासा  में बताने वाला हूँ

कुछ जरूररी टिप्स भी बताऊंगा जिसे आप हमेशा वायरिंग करते समय उस टिप्स को फॉलो करे ताकि आपका काम करने में आसानी हो और काम भी जल्द हो जाए तो चलिए फिर एक electric board  और डायग्राम की मदद से वायरिंग करना सीखते हैं

निचे दिए गए सारे electric device को लेकर घर पर ही बनाकर प्रैक्टिस कर सकते हैं

electric board को  बनाने के लिए

ध्यान देनेवाली बातें ,

1 ) चूँकि home wiring सिंगल फेज की होती हैं इसलिए हमे सिर्फ दो तार यानी की एक फेज के लिए होता है और दूसरा न्यूट्रल का होता हैं

2 )आप चाहे तो तीसरे तार अर्थिंग को भी इस्तेमाल कर सकते हैं लेकिन यह ऑप्शनल होता हैं

3 ) आप जब भी फाइव पिन का कनेक्शन करे तो यह याद रखें की उसमे हमेशा पॉजिटिव यानि की फेज राइट साइड में होता हैं

4 ) वायरिंग करते समय न्यूट्रल और फेज का कनेक्शन को बराबर चेक करते रहें

5 ) यदि आपने किसी बोर्ड का वायरिंग कम्पलीट कर लिया और चेक करने से पहले अभी भी आप असमंजस में हैं तो बोर्ड का कनेक्शन mcb  में कर दे और mcb को मैन पावर से जोड़ दे इससे आपका शार्ट सर्किट का खतरा कम होगा जायेगा

1 स्विच 2 सॉकेट कनेक्शन कैसे करे ?3 स्विच , 1 सॉकेट डायग्राम 

board wiring connection(bijli board ka connection)

पहले हम बोर्ड कनेक्शन के डायग्राम को समझेंगे फिर प्रक्टिकल के द्वारा एक बोर्ड को भी बनाएंगे जिससे स्टेप बाई स्टेप समझने में कोई परेशानी न होने पाए । जैसा की आप निचे डायग्राम में देख सकते हैं की मैंने कनेक्शन के रूप में कुल 5 switch का इस्तेमाल किया हैं जिसमे से दो बल्ब , एक टिव लाइट , एक पंखा और एक फाइव पिन सॉकेट हैं

इसमें ब्लैक वायर पर ध्यान दे उसे मैंने सिर्फ एक ही बार पुरे सर्किट में प्रयोग किया है कहने का मतलब यह है की हमे यह पता है की किसी भी पंखे या लाइट में दो तार ही कनेक्शन करने के लिए होते हैं इसलिए उन सभी के न्यूट्रल को सर्किट में एक तार को आधार बनाकर उसी में सबके न्यूट्रलकनेक्शन को जोड़ते चले जाते हैं ।

bijli-board-ka-connection-2

 आपके मन में सवाल होगा की neutral की तरह फेज को डायरेक्ट क्यों नहीं किया गया , इसका जवाब सिंपल है की यदि उसे भी न्यूट्रल की तरह जोड़ दे तो कोई भी डिवाइस  हमारा हमेशा चालू अवस्था में ही रहेगा कभी बंद ही नहीं होगा इसलिए किसी डिवाइस को ऑन या ऑफ कराने के लिए उसके बिच में एक स्विच को इस्तेमाल करते हैं

हम यदि चाहे तो इसे अलग भी कर सकते हैं लेकिन तार की खपत को बचाने के लिए ऐसा किया जाता हैं इसके अलग कनेक्शन भी होते हैं जहाँ हमे ज्यादा लोड की संभावना होती हैं वहाँ पर हम इन दोनों तार को सेपरेट कर देते हैं ।

उम्मीद यहाँ तक आपको समझ आया होगा अब आप फाइव पिन के कनेक्शन को देखें तो पता चलेगा की इसमें तीन कनेक्शन हैं और सबसे ऊपर वाला कनेक्शन एअर्थ हैं इसे आप छोड़ भी सकते हैं

extension board  kaise banaye ?water level connection diagramhome wiring daigram

bijli board kaise banaye

ऊपर में हमने अब तक जान लिया है की वायरिंग का कनेक्शन होता हैं और फेज को स्विच में क्यों रखते हैं इसके मुख्या दो कारण है पहला की पुरे घर में जब तक स्विच बंद है तब तक फेज की उपस्थित नहीं होगी जिससे हमे करंट लगने का खतरा कम होगा

और दूसरा यह की पुरे घर में वायरिंग करते समय बिजली के तार को बिछाया जाता हैं जिससे तार भी एक रेजिस्टेंस का काम करती हैं इसलिए तार भी बिजली का कुछ हिस्सा इस्तेमाल करेगा और इसके कारण हमारा बिजली बिल भी कुछ ज्यादा आ सकता हैं ।

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इस पिक्चर में आप देख सकते हैं की स्विच के एक सिरे को हमने एक ही तार द्वारा सभी को जोड़ दिया हैं ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि हमे सभी डिवाइस को ऑन करने के लिए फेज के जरूरत पड़ेगी

इसलिए अलग करने से अच्छा है की एक में जोड़ दिया जाए और दूसरे सिरे  में हमे जिस डिवाइस को भी चालू या बंद करना हैं उसके फेज वाले तार को को जोड़ देंगे और जैसे ही हम स्विच ऑन करेंगे तो हमारा डिवाइस भी ऑन हो जायेगा ।

इस दिए गए सर्किट में हमे केवल तीन पॉइंट पर ध्या देना हैं एक तो मैंने ऊपर बता दिया दूसरा रेगुलेटर जिसके दो तार निकले हैं एक को स्विच में और दूसरे को पंखे के फेज में जोड़ देंगे और तीसरा हैं  फाइव पिन जिसको पहसे तो आसानी से एक स्विच के द्वारा मिल जायेगा लेकिन न्यूट्रल हमे इसके न्यूट्रल साइड यानि बाएं तरफ करेंगे एवं इस तरह हमारा बोर्ड कनेक्शन पूरा हो जायेगा ।

electric board wiring 1 switch 2 socket diagram

FAQS – bijali board – bijli board

Q – bijli board kaise banaye , electric board connection kaise kare , board wiring kaise kiya jata hai , bijli wiring kaise kiya jata hai , board me wiring kaise kare , electric board kaise banaye , board ka connection kaise karte hain , बिजली बोर्ड बनाने का तरीका , बोर्ड का कनेक्शन कैसे करते हैं , बोर्ड का कनेक्शन कैसे किया जाता है , बोर्ड कनेक्शन कैसे करें  , बोर्ड की वायरिंग कैसे करें , बिजली का बोर्ड कैसे बनाएं ,  बोर्ड का कनेक्शन कैसे करें , लाइट बोर्ड फिटिंग कैसे करें

A – यदि आपको ऊपर दिए गया बोर्ड का बिजली बोर्ड कनेक्शन  या बिजली बोर्ड वायरिंग फोटो   नहीं समझ आ रहा है तो मैं आपको फिर से एक बार और bijli board connection के बारे में बताऊंगा

जिसका  बोर्ड कनेक्शन  एक दम सिंपल होगा जिसमे मैं elctric board में लगने वाले हर एक पुर्जे की जानकारी देने के साथ एक सरल सर्किट भी बनाकर दिखाऊंगा जिससे आपको bijali ka board या इलेक्ट्रिक बोर्ड कनेक्शन  समझने में आसानी होगी ।

क्योंकि मुझे इससे जुड़े कई तरह के सवाल आ रहे थे इसलिए इसके बारे में बताएं उचित समझा इसलिए बोर्ड का कनेक्शन में जो ज्यादा पुर्जे इस्तेमाल होते है उसी के बारे में बतानेवाला हूँ ।

लेकिन  इसके लिए इलेक्ट्रिकल क्षेत्र में थोड़ी बहु जानकारी होना बहुत जरुरी है तभी आप जल्दी से bijli board ka connection करना सिख पाएंगे  यदि नहीं भी है तो भी कोई बात नहीं वैसे भी मैं bijali board wiring का बेसिक बतानेवाला हूँ जिसको कोई भी एक बार पढ़कर electric board connection के बारे में सिख सकता है ।

bijali ke board ke connection-लाइट फिटिंग बोर्ड कनेक्शन

मैं अब आपको सबसे पहले कुछ पुर्जे की जानकारी दूंगा ताकि आप सभी तरह के बिजली बोर्ड   में इस्तेमाल किया जाता और इसके समझने के बाद आप जल्दी से जल्दी कनेक्शन करना सिख सकते हैं ।

  • स्विच 

इसके बारे में आप जानते भी होंगे की यह पुर्जा के द्वारा किसी भी इलेक्ट्रिक डिवाइस को चालू या बंद कर सकते हैं अब सवाल है की  इसका कनेक्शन कैसे किया जाता हैं ।

bijali bord में आखिर स्विच का कनेक्शन कैसे किया जाता हैं तो मैं आपको बताता हूँ इसका कनेक्शन bijli bod सिर्फ एक ही तरह से किया जाता हैं और वो है सीरीज कनेक्शन । यदि आपको सिरज नहीं मालूम है की क्या होता है तो उसके बारे में भी बताना चाहता हूँ

switch-digram

साधारण बल्ब में मुख्य रूप से दो तार होते हैं जिसे हम फेज और न्यूट्रल के नाम से जानते हैं इन्हे यदि सीधे किसी बल्ब के साथ जोड़ दिया जाए तो बल्ब ऑन हो जाता हैं लेकिन यह तब तक जलता रहेगा जब तक बिजली कट नहीं जाती है ।

इसलिए इसे किसी भी समय पर ऑन करना या अपनी जरुरत के मुताबिक ऑन और ऑफ करना हो तो इसमें एक पुर्जे का इस्तेमाल किया जाता है जिसको हम स्विच के नाम से जानते हैं जो आपको ऊपर इमेज में दिखाई दे रहा होगा ।

ऊपर इमेज में मैंने दो तरह के कनेक्शन दिखाए है जिसमे एक डायरेक्ट बल्ब से जोड़ा गया है और दूसरा स्विच  के पीछे दो पॉइंट से होकर सिर्फ फेज का तार गया है और न्यूट्रल डायरेक्ट जोड़ा गया है इस तरह के कनेक्शन के द्वारा आप स्विच की मदद से बल्ब को कंट्रोल कर सकते है ।

  • सॉकेट 

इस तरह के सॉकेट मार्किट में कई तरह के आते हैं जिसमे 3 pin socket , 5pin socket , 2 pin socket और साथ में लोड के हिसाब से भी सॉकेट आते है जो 6 ampere से सुरु होकर सिर्फ घर के लिए 32 ampere  से भी ज्यादा तक के सॉकेट आते हैं ।

socket-diagram

अब मान लीजिये की किसी सॉकेट के द्वारा मुझे किसी बल्ब को जलाना है तो जाहिर है की मुझे इसके लिए एक सके की जरुरत पड़ेगी लेकिन इसका सही कनेक्शन कैसे किया जाता है जिससे कभी भी बिजली के बोर्ड  में शार्ट होने का खतरा ना हो इसके बारे में अभी आपको मालूम होने वाला हैं ।

सबसे पहले सॉकेट के बाए तरफ जहाँ आपको L लिखा हुआ दिख रहा हैं वहां न्यूट्रल को डायरेक्ट जोड़ा गया है और जहाँ र लिखा है वहां फेज वो भी स्विच वाले पॉइंट से आनेवाला तार को कनेक्ट किया गया है आपको भी ठीक इसी तरह कनेक्शन करना होगा ।

इस तरह के कनेक्शन के मुख्य वजह बताता हूँ । सॉकेट के दाए तरफ हमेशा phase और बाए तरफ हमेशा neutral को जोड़ा जाता है ऐसा इस लिए किया जाता है क्योंकि यह इलेक्ट्रिक क्षेत्र का मानक नियम है और आप कोई सा भी भी प्लग को ध्यान से देखे तो उसमे भी आपको यही L और R का साइन देखने को मिलेगा ।

दूसरा ध्यान देनेवाला बात यह है की सॉकेट को ऑन और ऑफ करने के लिए जब हम स्विच का इस्तेमाल करेंगे तब उसमे फेज को ही जोड़ेंगे और न्यूट्रल को डायरेक्ट करेंगे ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि यदि स्विच में न्यूट्रल और फेज को डायरेक्ट जोड़ेंगे तो उससे जुड़ा डिवाइस को हमेशा फेज मिलेगा जिससे डिवाइस खराब हो सकते है ।

  • इंडिकेटर 

इसका कनेक्शन bijali ke board में डायरेक्ट किया जाता हैं क्योंकि इसके अंदर एक छोटी सी लाइट लगी होती है जो करीब 5 वाट के हिसाब से बिजली का उपयोग करती है और इसे हम बोर्ड में इसलिए इनस्टॉल करते है ताकि यह मालूम हो सके की उस बिजली वाला बोर्ड  लाइट है या नहीं है ।

indicator-connection

इसका कनेक्शन एक दम सुरुवात में किया जाता है आप चाहे तो इसे फ्यूज के बाद भी जोड़ सकते हैं और इसका कनेक्शन करते समय इसमें लगने वाले न्यूट्रल और फेज की तार को bijli bord में किसी भी तरफ लगा सकते हैं ।

  • फ्यूज 

अंत में मैं इन सभी को आपस में जोड़कर एक कम्पलीट bijali wala board बनाऊंगा इस लिए आर्टिकल को आगे पढ़ते रहे । फ्यूज की बात करे तो इसमें  सबसे पहले कनेक्शन किया जाता है और वह कनेक्शन फेज का होता है ।

fuse-coonection

यानी की इसमें फेज के तार को जोड़ा जाता है जिससे bijli ka board में कोई शॉर्टिंग होने पर डिस्कोनेट किया जा सके । और board bijli board को बचाया जा सके फ्यूज के अंदर दो पॉइंट होते है जिसमे एक पतले तार के मदद से जोड़ दिया जाता है ।

  • रेगुलेटर 

bijali board ka कनेक्शन में रेगुलेटर का उपयोग सिर्फ पंखे के लिए किया जाता है चाहे तो हम पंखे को डायरेक्ट भी चला सकते हैं लेकिन कभी – कभी  मौसम के बदलने से हमे पंखे की स्पीड को कम करने जैसे महसूस होता है इसलिए पंखे को सेंट्र्ल करने के लिए हम रेगुलेटर का इस्तेमाल करते हैं ।

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यदि रेगुलेटर शामिल करना है तब इसका कनेक्शन स्विच के बाद करेंगे और नहीं है तब स्विच के बाद डायरेक्ट पंखे में जोड़ेंगे इसलिए इमेज में इस कनेक्शन को देख सकते है और यह एक सीरीज कनेक्शन है ।

स्विच बोर्ड वायरिंग कनेक्शन

अब हम इन सभी सिंगल कनेक्शन को आपस में जोड़कर एक कम्पलीट बोर्ड के कनेक्शन  करेंगे जिससे आपको यह पता लग जायेगा की आखिर कैसे इन सभी को आपस में जोड़ा जाता हैं ।

स्विच-बोर्ड-वायरिंग-कनेक्शन

ऊपर इमेज में मैंने किसी भी कनेक्शन के बारे में नहीं बताया है क्योंकि आपको भी कुछ अपने दिमाग का उपयोग करना होगा और इसके कनेक्शन को समझना होगा और ये सभी कनेक्शन को एक तरह से अलग – अलग करके पहले बता चूका हूँ ।

सबसे पहले हम फेज तार को फ्यूज के साथ जोड़ेंगे फिर उसके दूसरे पॉइंट से निकले तार को इंडिकेटर के साथ जोड़ेंगे और उसी में से एक तार सप्लाई के लिए सभी स्विच के ऊपर वाले पॉइंट में जोड़ देंगे ।

पहले स्विच के निचे वाले पॉइंट को रेगुलेटर , दूसरे को बल्ब और तीसरे को सॉकेट के साथ जोड़ा गया है रेगुलेटर के बचे दूसरे तार को पंखे के तार से जोड़ देंगे ।

अब बारी है न्यूट्रल को जोड़ने का और जैसा की हम जानते है की तार को बिछाते वक़्त ही बल्ब और पंखे को न्यूट्रल के साथ जोड़ दिया जाता है और बोर्ड में न्यूट्रल हमे सिर्फ सॉकेट और इंडिकेटर को ही देने हैं इसलिए इन दोनों कनेक्शन को न्यूट्रल के साथ जोड़ देंगे ।

निष्कर्ष (bijli board ka connection)

आपको मेरा यह लेख स्विच बोर्ड कनेक्शन , या bod kaneksan कैसा लगा  हमे कमेंट में  जरूर बताये और अभी भी आपके मन में कोई सवाल है तो उसे भी कमेंट के द्वारा पूछ सकते है जिसका तुरंत जवाब देने की कोशिस की जाएगी ।

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