light emitting diode in hindi-led kya hai aur led ke upyog

light emitting diode in hindi-led kya hai aur led ke upyog

1962 में nick holonyak जर। के द्वारा बनाया गया था जो की रेड कलर का था फिर बाद में इन्ही के स्टूडेंट रहे म। george craford ने पिली रंग की led की निर्माण किया था ।आपने led का नाम सुना है

मैं led tv के बारे में नहीं बात कर रहा बल्कि meaning of led in hindi- लाइट एमिटिंग डायोड  होता  है उसका बारे में बात कर रहा हु जो उस led tv के अंदर भी इस्तेमाल किया गया है जिसे रोशनी पाकर टीवी हमे ब्राइट नजर आती हैं ।

आपके मोबाइल से लेकर बड़े शहरों में लगे पोस्टर में जलते रंग – बिरंगे रोशनी तक सभी में इसका इस्तेमाल किया जाता है एवं इसका इस्तेमाल आज के समय में सबसे ज्यादा प्रयोग किया जाने वाला इलेक्ट्रिक पुर्जा है ।

led लाइट एमेटिंग डायोड  एक तरह से pn  जंक्शन डायोड ही होता है जो विषेस रूप से प्रकाश उत्सर्जक डायोड में डोप्ड किये गए होते हैं । यह एक विषेस सेमीकंडक्टर से मिलकरबना होता है ।

light emitting diode रौशनी का उतसर्जक तब करेगा जब वह आगे के pakshpatiअवस्था में हो । इसमें चार्ज वाहक का पुनः सयोजन होता रहता है । n-side से इलेक्ट्रान और p-side से hole जब आपस में जुड़ते हैं तो गर्मी और प्रकाश का निर्माण करते हैं ।

संख्यात्मक और अल्फ़ान्यूमेरिक वर्ण के सेगमेंट एवं  डॉट मैट्रिक्स डिस्प्ले मेंएल ई डी का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता है। दशमलव बिंदु सिंगल led  बनाने के लिए सिंगल एलईडी सेगमेंट बनाने के लिए बहुत सारे led का उपयोग किया जाता है।

अब हम इसकी पूरी डिटेल जानकारी प्राप्त करने  के साथ एक सिंपल सर्किट भी बनाना सीखेंगे जिसे आप भी बना सकते है जिसमे बहुत ही काम इलेक्ट्रिक पार्ट्स की जरुरत पड़ेगी ।

light emitting diode circuit diagram(light emitting diode in hindi-led kya hai aur led ke upyog)

light emitting diode symbol

जैसा की आप निचे देख सकते हैं की यह डायोड के सिंबल से पूरा मेल खा रहा है अतः यह डायोड ही है जैसा की ऊपर में भी बताया गया है बस इसमें केवल एक फरक है की इसमें दो एरो ऊपर की तरफ जाते दीखता है । यह एक रोशनी बिखेरने की निसानी है इस प्रकार इस चित्र को देख या समझा जा सकता है की यह led का सिंबल है ।

light-emitting-diode-symbol

application of light emitting diode

इस सर्किट को बनाने के लिए हमे तीन  पार्ट्स की जरुरत पड़ेगी और सीए बनाने से पहले इन दोनों पार्ट्स को एक जगह पर अवस्य रख ले और ये तीनो इलेक्ट्रिक पार्ट्स बड़े आसानी से प्राप्त हो जाती है ।

  1. 3 वोल्टस बैटरी
  2. ब्लू कलर led
  3. रेजिस्टेंस 1k ohms का इसको आप बैटरी के सीरीज में किसी भी साइड में लगा सकते है इससे आपके led को protection मिलेगा ।
application-of-light-emitting-diode-1

सबसे पहले हम बैटरी के पॉजिटिव सिरे को led के anode में और नेगेटिव सिरे को लेद के cathode  में  जोड़ देंगे तो हमारा led on हो जायेगा यदि हम इसको उल्टा जोड़ेंगे तो यह नहीं जलेगा जैसा की ऊपर इमेज में भी दिखाया गया है क्योंकि यह pn जंक्शन के सिद्धांत पर कार्य करता है इसलिए एनोड को हमेशा पॉजिटिव और कैथोड को नेगेटिव कनेक्शन ही देना चाहिए ।

अब आपके मन में यह सवाल आता होगा की यदि इसे बैटरी के साथ उल्टा जोड़ देने पर क्या हमारा led खराब हो जाएगा ? इसका जवाब है नहीं , led  ख़राब नहीं नहीं होगा क्योंकि led एक डायोड की तरह काम करता है अतः उल्टा जोड़ने पर यह reverse bias की तरह काम करने लगेगा इसलिए यह खराब नहीं होगा ।

लाइट एमिटिंग डायोड वर्किंग इन हिंदी-light emitting diode in hindi-led kya hai aur led ke upyog

light emitting diode   क्वांटम सिद्धांत पर काम करता है। क्वांटम सिद्धांत कहता है कि जब इलेक्ट्रॉनों की ऊर्जा उच्च स्तर से निचले स्तर तक घट जाती है, तो यह फोटॉन के रूप में ऊर्जा का उत्सर्जन करता है एवं फोटॉनों की ऊर्जा उच्च और निम्न स्तर के बीच के अंतर के बराबर होती है।

application-of-light-emitting-diode-2

एलईडी आगे के पक्षपाती में जुड़ा हुआ है, जो forward bias की दिशा में बहने की अनुमति देता है। धारा का प्रवाह विपरीत दिशा में इलेक्ट्रॉनों की गति के कारण होता है। जब इलेक्ट्रॉन कंडक्शन बैंड से वैलेंस बैंड की ओर बढ़ते हैं और वे फोटॉन के रूप में विद्युत चुम्बकीय ऊर्जा का उत्सर्जन करते हैं।

advantages of light emitting diode

  • led का on/off स्वीचिं का टाइमिंग 1 नैनो सेकंड से कम है इसलिए गतिशील ऑपरेशन में इसका ही उपयोग किया जाता है ।
  • यह सस्ता और बहुत टिकाऊ होता है क्योंकि यही भी ट्रांजिस्टर की तरह टेक्नोलॉजी एवं सिद्धांत पर काम करता है ।
  • किसी आये अचानक बिजली के झटके और बदलाव के साथ – साथ 0 से 70 डिग्री तक का तापमान भी आसानी से झेलने में सक्सहम होता है ।
  • led ज्यादा रोशनी देने के सेहत बहुत ही कम ऊर्जा की खपत करता है यही कारण है की आज के समय में पुरे भारत में बाईट कुछ वर्षों में पुराने बल्ब की जगह इसको ज्यादा इस्तेमाल किया जाने लगा है ।
  • एक led में पूर्ण चमक लेन के लिए 1.2v और 20ma पावर की अवस्य्क्ता होती है इसलिए यह कम  बिजली की खपत करता है ।

disadvantages of light emitting diode

  • एलसीडी की तुलना में led बिजली खपत ज्यादा करता है और इसकी लगत अधिक आने के कारण इसे बड़े डिस्प्ले बनाने में नहीं किया जाता है ।
  • ज्यादा volatage  चले जाने से इसका brightness कम हो जाता है ।

light emitting diode price

आज के समय में इसका चलन इतना ज्यादा हो गया है की इसके बहुत सारे रंग के led मार्किट मेंबिकने लगे है और कुछ महंगे भी है और कोई सस्ते भी है लेकिन आप यदि  इसे खरीदने की soch रहाहे है तो जाहिर है की एक पीस से आपका जरुरत पूरा नहीं  होगा

BUY OFFER PRICE TRANSISTOR

इसलिए में इसमें राय यही दूंगा की इसे आप लोकल मार्किट से ना खरीद कर इसे आप ऑनलाइन से buy करे क्योंकि ऑनलाइन सस्ता प्राइस में मिलने के साथ बहुत  सारे लेद आपको मिल जायेंगे ।

FAQs

LED से आप क्या समझते हैं?

यह एक तरह का डायोड है जो प्रकाश का उत्पादन करता हैं .

एलईडी कैसे काम करता है?

जब इसमें करंट पास करते है तो n-side से इलेक्ट्रान और p-side से hole बनता और यह जब आपस में जुड़ते हैं तो गर्मी और प्रकाश का निर्माण करते हैं ।

एलईडी का फुल फॉर्म क्या है?

light emiting diode

एक एलईडी कितने साल तक चलती है?

एक led कम से कम ६० हजार घंटे तक जलती हैं .

conclusion(light emitting diode in hindi-led kya hai aur led ke upyog)

दोस्तों उम्मीद करता हूँ की इस आर्टिकल led kya hai in hindi के द्वारा आपको led के बारे में पूरा समझ आया होगा और इसे सर्किट में कैसे लगाते हैं यह अपने पढ़ा लिया होगा और हम led की मदद से बहुत सारे रंग बिरंगे सर्किट भी बना सकते है

इसके लिए भी मैं आर्टिकल लिखूंगा तो मेरे इस आर्टिकल के लिए अपनी राय मुझे कमेंट्स करके जरूर बतईयेगा ताकि मुझे इस तरह के आर्टिकल लिखने में सहानिभूति मिल सके एवं और किसी दूसरे जानकारी  जिसे आपको जानना है वो भी बताएं , जितनी जल्दी हो सके आपके सामने मैं जरूर पेश करूँगा धन्यवाद ।

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